Govind Singh Rajput Land Grab Case: नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj Sarkar) के कद्दावर मंत्री और सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के बेड़े के भाजपा विधायक गोविंद सिंह राजपूत (Govind Singh Rajput) पर लगे जमीन हड़पने के आपोप में नया मोड सामने आया है. उनपर जमीन हड़पने का आरोप लगाने वाला शख्स सीताराम उर्फ महेश पटेल (Mahesh Patel) पलट गया है और उसने बीजेपी से निष्कासित दो नेता राजकुमार सिंह धनौरा और विनय मलैया पर ही मंत्री को फंसाने का आरोप लगा दिया है. इस संबंध में उसने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसे इस काम के लिए 2 करोड़ का ऑफर दिया गया था.


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मंत्री को फंसाने के लिए 2 करोड़ का ऑफर
गोविंद सिंह पर जमीन हड़पने का आरोप लगाने वाले सीताराम उर्फ महेश पटेल ने अब BJP से निष्कासित नेता राजकुमार सिंह धनौरा (Rajkumar Singh Dhanaura) और विनय मलैया (Vinay Malaiya) के खिलाफ शिकायत की है. उसने बताया कि मंत्री के खिलाफ झूठा आरोप लगाने के लिए उसे धनौरा ने 2 करोड़ रुपए और जमीन का ऑफर दिया था. इसमें से बतौर एडवांस 10 हजार रुपये दिए गए थे. उसके बाद उसे कार से कोर्ट ले जाया गया और कुछ कागजों पर साइन कराए गए.


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मंत्री पर लगा था ये आरोप
कुछ समय पहले शिवराज सरकार के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर सीताराम ने उसकी जमीन हड़पकर कैम्ब्रिज स्कूल बनाने का आरोप लगाया था. सीताराम ने एक वीडियो जारी की थी इसमें उसने जमीन और अपने पिता के गयाब होने को लेकर गोविंद सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे.


क्या था वीडियो में ?
वीडियो में सीताराम बोल रहा था 'हमारी जमीन (खसरा नंबर 174/17) को गोविंद सिंह ने अपने नाम करा ली है. मेरे पिता ने तहसीलदार कोर्ट में केस भी किया था. उसके बाद उन्हें गोविंद सिंह ने 22 अगस्त 2016 को अपने घर बुलाया तब से वो लौटकर नहीं आए. मैंने उनके अगस्त में ही उनके गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी. मुझे शक है कि राजपूत ने पिता के साथ कुछ गलत करवा दिया होगा.'


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अब क्या बोल रहा है पीड़ित?
शिकायतकर्ता सीताराम ने बताया कि 31 दिसंबर 2022 को उसे विनय मलैया ने अपने घर बुलाया था. जहां, उसे राजकुमार धनौरा मिले. दोनों ने मिलकर मुझे कहा कि तुम्हें हमारे साथ मिलकर गोविंद सिंह राजपूत को फंसाना है. इसके बदले 1 से 2 करोड़ रुपए मिलेंगे और जमीन भी तुम्हारे नाम करवा दी जाएगी. उन्होंने लिफाफे में 10 हजार रुपये भी दिए.


पीड़ित ने बताया कि वो पैसों के लालच में आ गया था. 1 जनवरी 2023 को वो मलैया के कहने पर धनौरा के ड्राइवर के साथ उनके घर पहुंचा. जहां उसे राजकुमार दिल्ली ले गए. वहां उन्होंने सुप्रीम कोर्ट शिकायतें डलवाने के लिए अनजान कागजों पर दस्तखत करवाए. इसके बाद सागर में खतरा होने की बात कहकर वो राजस्थान में अजमेर तरफ ले गए. वहां घर जाने की बात कहने पर उन्होंने जान से मारे की धमकी भी दी. इसके बाद मैं 19 जनवरी 2023 को ट्रेन से घर लौटा और पूरी बात अपने परिचित को बताई.