Union Budget 2023: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union finance minister Nirmala Sitharaman) ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार (Government led by Narendra Modi) के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट पेश किया. केंद्रीय बजट आने के बाद इसको लेकर छत्तीसगढ़ सरकार के प्रवक्ता और कृषि मंत्री रवींद्र चौबे की प्रतिक्रिया आई है.रवींद्र चौबे ने कहा कि बजट में किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए कोई लाभ नहीं दिखता दिख रहा है.


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कोई योजना है ना लाभ दिया गया है: रवींद्र चौबे
रवींद्र चौबे ने कहा कि बजट में ना कोई योजना है ना लाभ दिया गया है, कृषि के क्षेत्र में कोई लाभ नहीं मिला है, किसान इससे दुःखी हैं.स्वामीनाथन आयोग,किसानों की आय दुगुनी करने जैसे विषयों पर कोई काम नहीं किया गया है. छत्तीसगढ़ की गोधन योजना से प्रभावित घोषणाएं की गई है, छत्तीसगढ़ की सरकार पिछले 2 साल से इसपर काम कर रही है. बजट में सिर्फ यथास्थिति को बरक़रार रखा गया है. पीएम प्रणाम में जैविक खाद को बढ़ावा देने की बात कही गई, जो काम हम पहले से कर रहे हैं.पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, उनकी सरकार है वो चाहें तो 10 में से 12 नंबर भी दे सकते हैं, आम जनता की उम्मीदों पर बजट खड़ा नहीं उतरा है.


बजट को लोगों ने बताया सन्तुलित बजट
देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 2023-24 के पेश किए बजट में विभिन्न वर्गों के लिए घोषणाएं की गईं. बजट को लेकर हर वर्गों को उम्मीदे थीं, लेकिन कारोबारियों और उद्योगपतियों के मुताबिक यह बजट संतुलित रहा.इसके साथ ही अगर महिलाओं की बात करें तो महिलाओं ने इस बजट को उम्मीद से कम बताया है. जबकि इस बजट को पर्यटन क्षेत्र को लेकर फायदेमंद बताया जा रहा है.