नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)  जी 7 शिखर सम्मेलन (G-7 Summit) में हिस्सा लेंगे. G7 के तीन सत्रों में पीएम मोदी का संबोधन होगा. इस कड़ी में वो आज 12 जून यानी शनिवार और कल यानी रविवार 13 जून को भी इस आयोजन में शामिल होंगे. इस साल 2021 के इस सम्मेलन में पीएम मोदी के कुल 3 संबोधन होंगे. जिन्हें भारत के साथ वैश्विक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. 


3 सत्र में पीएम का संबोधन


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इस बार जी 7 में कोरोना वायरस, फ्री ट्रेड और पर्यावरण पर विस्तार से चर्चा होने जा रही है. ज्यादा फोकस इसी बात पर रहेगा कि कैसे दुनिया को कोरोना महामारी से मुक्त करना है और फिर एक मजबूत वापसी करनी है. कैसे हरित पर्यावरण बनाया जाए जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.


जानकारी के मुताबिक पीएम के संबोधन में कोरोना काल में मजबूती के साथ वापसी और पर्यावरण के मुद्दों पर फोकस रहेगा. ज़ी न्यूज़ के सहयोगी अंतरराष्ट्रीय चैनल विऑन (Wion) की रिपोर्ट के मुताबिक इस बार क्योंकि जी 7 का नेतृत्व ब्रिटेन (UK) कर रहा है, ऐसे में पीएम मोदी के इन तीन अहम सत्रों में होने वाले संबोधन पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी.


गेस्ट के तौर पर इन देशों को मौका


जी-7 में ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान के साथ यूरोपीय संघ शामिल हैं. शिखर सम्मेलन की मेजबानी करते हुए जॉनसन ने कहा कि यह देखना वाकई बहुत सुखद है कि पिछले साल महामारी के बाद से पहली बार प्रत्यक्ष तौर पर कोई बड़ा आयोजन हो रहा है. भारत के साथ द.अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया को अतिथि देश के तौर पर आमंत्रित किया गया है. पीएम मोदी शनिवार और रविवार को डिजिटल माध्यम से इसके तीन सत्र को संबोधित करेंगे.


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इस बार जी 7 में कोरोना वायरस, फ्री ट्रेड और पर्यावरण पर विस्तार से चर्चा होने जा रही है. ज्यादा फोकस इसी बात पर रहेगा कि कैसे दुनिया को कोरोना महामारी से मुक्त करना है और फिर एक मजबूत वापसी करनी है.


2019 में भारत बना गुडविल पार्टनर


पीएम मोदी को भी साल 2019 में गुडविल पार्टनर के रूप में जी 7 का हिस्सा बनाया गया था. इसके बाद 2020 में भी उन्हें आमंत्रण दिया गया था, लेकिन तब कोरोना की वजह से सम्मेलन को रद्द करना पड़ा था. इस साल के सम्मेलन की बात करें तो ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने महामारी से सीख लेने के संदेश के साथ कॉर्नवाल में शुक्रवार को जी-7 शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करने के साथ आगाह किया कि 2008 की आखिरी बड़ी आर्थिक मंदी की भूल को दोहराने की जरूरत नहीं है जब समाज के सभी हिस्से में एक समान विकास नहीं हो रहा.


जॉनसन ने उद्घाटन संबोधन में कहा, ‘मुझे लगता है कि यह बैठक इसलिए हो रही है क्योंकि हमें महामारी से सीख लेने की जरूरत है. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम वह गलती नहीं दोहराएं जो हमने पिछले 18 महीने में की और हमें अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए उपाय करने होंगे.’


वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की बढ़ती भूमिका


पीएम मोदी से पहले इस सम्मेलन में भारत सरकार के तीन बड़े केंद्रीय मंत्री भी अपने मंत्रालय अनुसार हिस्सा ले चुके हैं. स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी इस सम्मेलन में हिस्सा लिया था.


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