Beawar News: प्रदेशभर में नर्सिंगकर्मियों ने अपनी लंबित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है. अपनी मांगों को लेकर बार-बार सरकार का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद अब तक इस और ध्यान नहीं देने से नाराज नर्सिकर्मियों ने बुधवार से चार दिवसीय आंदोलन पर उतरे है. इस दौरान बिना चिकित्सालय की सेवाओं को बाधित करते हुए कार्मिक आगामी चार दिनों तक काली पट्टी बांधकर काम करते हुए अपना आक्रोश प्रदर्शन करेंगे. प्रदेशव्यापी आव्हान के तहत राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय में भी बुधवार से नर्सिगकर्मी अंदोलन पर उतरे. 


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इस दौरान सभी कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर कार्य शुरू किया. नर्सिंग कर्मचारी एसोसिएशन के जिला उपाध्यक्ष रामेश्वर पारीक ने बताया कि कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है लेकिन अब तक सरकार की और से इस और ध्यान नहीं दिया जा रहा है. जिसको को लेकर बुधवार से चार दिवसीय आंदोलन शुरू किया गया है. जिसके तहत सभी नर्सिंगकर्मी काली पट्टी बांधकर कार्य करते हुए अपना आक्रोश प्रदर्शित करेंगे. 


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पारीक ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कोविड-19 के दौरान अपनी सेवाएं देने वाले सीएचए नर्सेज की सेवाओं को बहाल किया जाये, लंबे समय से संविदा पर चल रहे कार्मिकों का संविदा काल का नेशनल लाभ दिए जाने, नर्सेज भर्ती में ठेका पद्धति बंद करने, चिकित्सा विभाग में विभिन्न प्रकार के विभाग खोलने के साथ-साथ कार्मिकों के पद बढ़ाने, नर्सिग ऑफिसर भर्ती 2022 में 8 हजार तथा एएनएम भर्ती में 5 हजार पद बढ़ाने तथा संविदा कार्मिकों को नियमित करने सहित अन्य मांगे शामिल है. बुधवार को काली पट्टी बांधकर आक्रोश प्रदर्शन करने वालों में मीत चौहान, पंकज, नावेद, संजय, दीपक, लक्ष्मण काठात, जितेन्द्र शर्मा, चंद्रभान सहित अन्य कार्मिक शामिल रहे.