Alwar news: अलवर पुलिस ने पुलिस मुख्यालय जयपुर द्वारा संचालित ऑपरेशन साइबर बज्र प्रहार 1.0 के तहत जिले में साइबर काईम के विरूद्र अभियान चलाकर साइबर अपराधियों पर ताबडतोड कार्यवाही करते हुए 88 संदिग्ध आरोपियों को पकड़ा गया एवं आसूचना के आधार पर 5 मुकदमे दर्ज किये गये हैं. जिले के 250 पुलिस कर्मियों के साथ करीब 15 टीमों द्वारा दर्जन भर जगह दी गई दबिश एवं धरपकड की कार्यवाही की .


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साइबर बज्र प्रहार 1.0 
आनंद शर्मा जिला पुलिस अधीक्षक अलवर ने बताया कि साइबर बज्र प्रहार 1.0 के तहत जिला अलवर में साइबर काइम के विरूद्र अभियान चलाकर 27.जनवरी.2024 को प्रात: काल पांच बजे साइबर काइम के गांवों को चिन्हित कर दबिश देकर धरपकड की कार्यवाही की गई. कार्यवाही के दौरान रोशन मीणा आईपीस ([प्रो.) एवं डॉ. तेजपाल सिंह अति0 पुलिस अधीक्षक मुख्यालय के नेतृत्व में वृताधिकारी उत्तर, ग्रामीण, थानाधिकारी सदर, शिवाजीपार्क, कोतवाली, अरावली विहार, एनईबी, वैशाली नगर, एमआईए, महिला थाना, अकबरपुर, मालाखेडा, क्यूआरटी टीम, डीएसटी टीम सहित कुल 250 पुलिसकर्मी साथ रहे.


कार्यवाही के दौरान थाना बगड तिराहा, रामगढ़, बडौदामेव, गोविन्दगढ, लक्ष्मणगढ, रैणी नौगावां इलाका के गांवों में दबिश दी जाकर अन्य राज्यों में वांछित आरोपियों सहित कुल 88 संदिग्ध साइबर अपराधियों को पकडा गया.सूचना के आधार पर कुल 5 प्रकरण दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है.


आरोपी भी गिरफ्तार
उन्होंने बताया कि आज जो कोहरा था. उसका पूरा फायदा पुलिस को मिला और इस मामले में पांच ग्रुप पकड़े गए हैं. जो साइबर क्राइम कर रहे थे और यह गिरोह बैंक से पैसे तक निकलने का काम करते हैं. उन्होंने कहा कि इस गिरोह के तह तक जाया जाएगा. इसके अलावा कुछ ऐसे आरोपी भी गिरफ्तार किए गए हैं .जिनके खिलाफ अन्य राज्यों में भी मुकदमे दर्ज हैं. उनसे भी सूचना मांगी गई है. अन्य राज्यों में जिनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं .उनको उस राज्य की पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा. इस मामले में पुख्ता सबूत के आधार पर कार्रवाई की गई है. इसमें फोटो, फिंगर ,फेस और फोटो लिए गए हैं. 


वॉयस सैंपल लिए गए हैं. जिससे कोई भी अपराध हो तो यह आसानी से पकड़ में आ सकें.इनके कब्जे से फोन, एटीएम, सिम और फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किए गए हैं. इस मामले में पूरी तरीके से गोपनीयता बरती गई थी और पहले जो फ्रॉड कॉल आ रही थी .उनकी लोकेशन को चिन्हित किया गया. फिर उनको जनरेट कर कर सारी कार्रवाई की गई . 


सादा वर्दी में पहले उनको चिन्हित किया गया और जो पुलिस कर्मी चिन्हित कर के आए उन्हें पुलिस कर्मियों को भी इस टीम में शामिल किया गया. इसके अलावा इस मामले में गूगल मैप का भी सहारा लिया गया. उन्होंने कहा कि इस संबंध में जो मोबाइल बरामद हुए हैं उनके डाटा को खंगाला जा रहे हैं और गहनता से जांच कर कर आगामी कार्रवाई की जाएगी. जिससे यह साइबर फ्रॉड का नेटवर्क पूरी तरीके से ध्वस्त किया जा सके.


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