Chhabra: बारां के छीपाबड़ौद उपखंड के हरनावदाशाहजी कस्बे में हुई तेज बरसात के बाद उफने खाल के पानी में घिरे हाट बाजार के दुकानदारों में अफरातफरी मच गई. वही दुकानदार अपने बह रहे सामान बचाते नजर आये. बता दें कि जरा सी बरसात से हाट बाजार में उफान आ जाता है और दुकानदारों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है.


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दूर-दूर से आते है दुकानदार
हरनावदाशाहजी कस्बे में गुरुवार को साप्ताहिक हाट बाजार लगता है. जिसके लिए कस्बे से सटे मेला मैदान में बाजार लगता है. हाट बाजार में बड़ी संख्या में स्थानीय और बाहर से आने वाले दुकानदार दुकानें लगाते हैं , जिन पर ग्रामीणों की भीड़ खरीददारी करने आती है.


ग्राम पंचायत के तत्वावधान में आयोजित इस हाट-बाजार के आयोजन की जिम्मेदारी भी ग्राम पंचायत की ही होती है, क्योंकि ग्राम पंचायत की आय का एक अच्छा स्रोत है. 


इसी के चलते पुराने समय में हाट-बाजार को लेकर अलग व्यवस्थाएं बनी थी. जिसके तहत बरसात की शुरुआत के बाद हाट बाजार कस्बे में ही लगता और दीवाली से वापस मेला मैदान में शुरू हो जाता. इसका कारण यह था कि मेला मैदान और कस्बे के बीच में बहने वाला खाल है जो कि बरसात के दौरान उफान पर रहता है. ऐसे में किसी अनहोनी की आशंका के मद्देनजर ऐसा किया जाता था, लेकिन पिछले एक दशक से यह क्रम बिगड़ने के कारण बरसात के मौसम में भी हाट-बाजार मेला मैदान में ही लगता आ रहा है.


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लापरवाह प्रशासन  
यहां पर बरसात के दौरान खाल में आए उफान से पहले भी नुकसान हो चुका है लेकिन उसके बावजूद भी ना तो प्रशासन का ध्यान है ना ही दुकानदार और आमजन का. इन दिनों भी खाल में उफान के बाद ऐसे नजारे सामने आए जिसमें दुकानदार उफनते पानी के बीच अपनी दुकानें समेट कर हाट बाजार से बाहर निकलते नजर आए. 
उल्लेखनीय है कि कस्बे से सटे मेला मैदान में जाने के लिए तीन चार अलग-अलग रास्ते हैं लेकिन सभी रास्तों में खाल से होकर गुजरना पड़ता है. हांलांकि एक रास्ते में ग्राम पंचायत ने रपट बनवा रखी है लेकिन तेज उफान में रपट भी डूब जाती है. ऐसे में अब इस मामले पर प्रशासन को सख्त होकर सुधार करना होगा ताकि बडी घटना की आशंका टाली जा सके.


Reporter : Ram Mehta 


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