Dholpur, Rajkheda: धौलपुर के राजाखेड़ा में खेतों पर होली वाले दिन अधेड़ की गोली मारकर हत्या करने के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. होली की धूलंडी वाले दिन राजाखेड़ा कस्बे के हाट मैदान के पास खेतों पर बने टू अलवर छोटेलाल की सरगम गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस पूरे मामले में हत्यारा नाबालिग भतीजा ही चाचा का कातिल निकला.


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पत्नी ने पुरानी रंजिश के चलते तो नामजद लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन ब्लाइंड से ब्लाइंड केसों का पूर्व में खुलासा कर देने वाले सीओ मनियां आरपीएस दीपक खंडेलवाल एक बार फिर खरे उतरे. आरपीएस दीपक खंडेलवाल की बेहतर पुलिसिंग और गहन अनुसंधान के चलते आखिरकार असली मुजरिम पकड़ में आया पुलिस ने मामले में मृतक के नाबालिग भतीजे को निरुद्ध किया है, और उससे हत्या में शामिल कट्टा और खाली कारतूस जब्त किया है.


मामले को लेकर सीओ मनियां दीपक खंडेलवाल ने बताया कि 8 मार्च 2023 को धुलण्डी के दिन कस्बा राजाखेड़ा में राजाखेड़ा निवासी छोटेलाल के सिर के पीछे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. जिस पर उसके परिजनों ने परिवार से पूर्व रंजिश रखने वाले कुछ व्यक्तियों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कराई थी. जिसके बाद सीओ मनियां दीपक कुमार खंडेलवाल के सुपरविजन और थानाधिकारी राजाखेड़ा गंगा सहाय मीना के नेतृत्व में टीम गठित की गई. टीम द्वारा घटनास्थल व आसपास के इलाकों का बारीकी से निरीक्षण किया गया. 


सीओ ने बताया कि तकनीकी सहायता और अन्य स्रोतों से यह जानकारी मिली कि जिन व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है. तब कुछ कैमरों के फुटेज और मुखबिर द्वारा प्राप्त सूचना से यह जानकारी मिली कि मृतक छोटेलाल के नाबालिग भतीजे की गतिविधियां संदिग्ध हैं, जिसके बाद नाबालिग भतीजे से पुलिस टीम द्वारा पूछताछ की गई तो उसने अपने चाचा छोटेलाल की हत्या करना स्वीकार किया.


नाबालिग भतीजा लगा संदिग्ध


रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सीओ मनियां दीपक कुमार खंडेलवाल के सुपरविजन और थानाधिकारी राजाखेड़ा गंगा सहाय मीना के नेतृत्व में टीम गठित की गई. टीम द्वारा घटनास्थल और आसपास के इलाकों का बारीकी से निरीक्षण किया गया. एसपी ने बताया कि तकनीकी सहायता और अन्य स्रोतों से यह जानकारी मिली कि जिन व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है. इसके बाद कुछ कैमरों के फुटेज और मुखबिर द्वारा प्राप्त सूचना यह जानकारी मिली कि मृतक छोटेलाल के नाबालिग भतीजे की गतिविधियां संदिग्ध है. जिसके बाद नाबालिग भतीजे से पुलिस टीम द्वारा पूछताछ की गई तो उसने अपने चाचा छोटेलाल की हत्या करना स्वीकार कर लिया.


पानी को लेकर हुआ था झगड़ा


सीओ दीपक खंडेलवाल ने बताया कि पुलिस की पूछताछ में नाबालिग भतीजे ने बताया कि चाचा छोटेलाल उसे अपनी ट्यूबवेल से पानी लेने से मना करता था. इसके पहले अन्य छोटी-छोटी बातों पर पहले भी उसका अपने चाचा से झगड़ा हो चुका था. इसको लेकर उसके मन में चाचा छोटेलाल के प्रति गुस्सा था. होली वाले दिन वह काफी नशे में था. उसने अपने चाचा छोटेलाल को अकेले ट्यूबवेल पर जाते हुए देखा तो चाचा के पीछे वह भी खेत पर पहुंचा उसने चाचा के सिर के पीछे कट्टा से गोली मार दी. इस घटना के बाद डर के मारे वह वहां से भाग गया था. फिलहाल पुलिस ने नाबालिग भतीजे को निरुद्ध कर आरोपी नाबालिग भतीजे को बाल सुधार गृह में प्रवेशित कराया और उसकी सूचना पर हत्या में उपयोग किया गया तमंचा व खाली कारतूस भी बरामद कर लिया है. वहीं प्रकरण में अन्य लोगों की भूमिका की संलिप्तता के संबंध में अनुसंधान किया जा रहा है.


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