Jigisha Joshi Story: आज सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां किसकी किस्मत कब चमक जाए, कुछ कह नहीं सकते हैं. आज हम आपको राजस्थान में रहनी वाली जिगीषा जोशी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने सोशल मीडिया पर अपने राजस्थानी कल्चर को बढ़ाते हुए एक नई पहचान बना ली है. 


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

राजसमंद के नाथद्वारा की रहनी वाली जिगीषा जोशी (Jigisha Joshi) को 'मेवाड़ी बाई' और 'मेवाड़ की रानी' के नाम से जाना जाता है. जिगीषा जोशी का अपनी मेवाड़ी भाषा से बहुत लगाव है इसलिए वह मेवाड़ी भाषा में वीडियो बनाती हैं, जो लोगों को खूब पंसद आती हैं और इनकी वीडियोज पर मिलियन में व्यूज हैं. इसी के साथ लाखों में लोग इनको फॉलो करते है. 



जिगीषा जोशी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और वह आए दिन अपने इंस्टाग्राम पेज, फेसबुक और यूट्यूब चैनल पर अपने वीडियो शेयर करती रहती हैं. वैसे जिगीषा बायोलॉजी की टीचर हैं. 


जिगीषा जोशी का जन्म एक मिडिल क्लास फैमिली के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था. जिगीषा के पिता एक स्पिनिंग मिल में काम करते थे, जो अब रिटायर हो चुके हैं. वहीं, उनकी माता एक सरकारी अध्यापिक है. जानकारी के अनुसार, जिगीषा के पिता ने अपने जीवन में कई रंगमंच पर नाटक किए हैं और वह एक अच्छे कार्टूनिस्ट भी हैं. 



इसी की वजह से उनके कुछ गुण जिगीषा को विरासत में मिले और उन्होंने सोशल मीडिया पर मेवाड़ी भाषा में वीडियोज बनाने शुरू कर दिए. जिगीषा के पिता उनको वीडियो बनाने के लिए काफी प्रोत्साहित करते हैं. 


बता दें कि उनके घर में सभी लोग मेवाड़ी भाषा बात करते हैं, इसलिए जिगीषा का अपनी भाषा और रीति-रिवाज से एक अलग ही लगाव है. इसके साथ ही जिगीषा मेवाड़ी के साथ- साथ ब्रज भाषा भी जानती हैं. 


काम की बात करें तो जिगीषा को 2021 में मेवाड़ की लाडली और साल 2022 में वीमेन अचीवर इन सोशल मीडिया, वंडरवुमन 2022 और वुमन ऑफ सब्सटांस आदि कई सम्मान मिल चुके हैं. 


यह भी पढ़ेंः मां-बाप की 12 दिन की सजा ने गौरी नागोरी को बना दिया स्टार


इसी के साथ जिगीषा एक बहुत अच्छी सिंगर भी हैं, जिनका पहला एल्बम 2017 में लॉन्च हुआ था, जिसमें उन्होंने 9 भाषाओं में गाने गाए हैं. इसके बाद 3 अगस्त 2021 में जिगीषा का पहला वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हुआ और वह पूरे मेवाड़ में छा गई और उन्होंने मेवाड़ के लोगों में एक अलग जगह बना ली. जिगीषा बचपन से ही एक एवरेज स्टूडेंट रही हैं और उन्हें मैथ्स को समझने में परेशानी होती थी इसलिए उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया था.


अपने जिले की खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें