Chomu: प्रदेश के किसानों को कृषि के बिजली बिलों में मिलने वाली सब्सिडी के मामले को लेकर बीजेपी प्रवक्ता एवं विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि सरकार ने पहले तो सब्सिडी योजना को ही बंद कर दिया था. जब मुखिया जी को किसानों की याद आई योजना फिर से शुरू की गई. 


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रामलाल शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने एग्रीकल्चरल बिलों में प्रत्येक किसान को ₹833 की सब्सिडी देने का काम किया था, जिसे कांग्रेस की सरकार ने बंद कर दिया. जब सरकार को किसानों की याद आई तो ₹1000 सब्सिडी देने का काम शुरू किया गया लेकिन इसमें सरकार ने कई तरह के बेरिकेट लगा दिए. 


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अब किसानों को मिलने वाली सब्सिडी एक तरह से देखी जाए तो ऊंट के मुंह में जीरे के समान है. बीजेपी सरकार ने बिजली के बिलों में ही सब्सिडी का समायोजन किया था लेकिन अब सरकार बैंक खातों में सब्सिडी दे रही है. इससे किसानों को पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा क्योंकि बिजली का कनेक्शन किसी अन्य के नाम पर होता है. काम ने परिवार का अन्य सदस्य लेता है. ऐसे में काम मे लेने वाले का बैंक खाता नहीं होने से सब्सिडी मिलने में समस्या खड़ी होती है.


कई किसान परिवारों के बीच विरोधाभास होने की स्थिति में भी सब्सिडी का फायदा नहीं मिल पाता. कुल मिलाकर सरकार की नियत में ही खोट नजर आ रही है. अगर वाकई में सरकार किसानों को सब्सिडी का फायदा देना चाहती है तो बिजली के दिलों में ही सब्सिडी देने का काम करें.


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