Jaipur News : लड़कियों में किशोरावस्था में माहवारी आना उनके मातृत्व की ओर बढ़ने की प्राकृतिक प्रक्रिया है. इस दौरान उन्हें उचित मार्गदर्शन के साथ ही स्वच्छ सेनेटरी पैड मिलना एक जरूरत है. सेनेटरी पैड का प्रयोग करते हुए आज भी कई महिलाएँ काफी लापरवाही बरतती है. ख़ास कर गाँव और कच्ची बस्तियों में रहने वाली बालिकाएँ और महिलाएँ सेनेटरी पैड का प्रयोग नहीं करती हैं. ऐसे में इन महिलाओं को स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ माहवारी के दौरान नेपकीन का उपयोग करें.


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इसके लिए मान द वैल्यू फाउंडेशन की तरफ़ से कमला 1.0 कार्यक्रम के तहत महात्मा गाँधी गवर्मेंट स्कूल जगतपुरा कच्ची बस्ती को निशुल्क पैड उपलब्ध कराने के लिए सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाई गई और 5000 पैड दिए गए. फाउंडर कुसुम, जानवी और तेजस्वी ने बताया कि ज्यादातर महिलाएँ और लड़कियाँ स्वच्छता के प्रति जागरूक नहीं हैं. अतः वे पीरियड्स के समय कई कारणवश पैड का यूज नहीं करती हैं. स्कूल में बच्चियों को माहवारी के दौरान घर जाना पड़ता है या वह स्कूल ही नहीं आती.


इनकी इसी समस्या को देखते हुए इस अभियान के तहत कच्ची बस्ती में सेनेटरी पेड़ मशीन लगाई गई है. इस मशीन से बालिकाएँ व अध्यापिकाएँ कभी भी आकर आवश्यकता अनुसार उपयोग कर सकती हैं. इस मशीन में पैड रिफलिंग भी किया जाएगा. अभी के लिए पाँच हज़ार नेपकिन दिए जा चुके हैं. साथ साथ डॉ चिंकल ने बालिकाओं से इस विषय में बात की तथा पूजा भार्गव और कशिश लालवानी ने स्कूल के बच्चों से दीवार पर संबंधित पेंटिंग भी करवाई. मनीषा सिंह ने बताया कि हमारे समाज में आज भी बहुत सी बातों के बारे में खुलकर बात करना अशोभनीय माना जाता है और मासिक धर्म भी उन्हीं में से एक है. मासिक धर्म के दौरान प्रयुक्त किए जाने वाले सेनेटरी नैपकिन’ को लेकर भी महिलाओं व बालिकाओं में जागरूकता का काफी अभाव है. मनीषा सिंह ने बताया कि अभियान के तहत महिलाओं, बालिकाओं को माहवारी के दौरान स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और निःशुल्क सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया है. जिसकी शुरुआत जवाहर नगर कच्ची बस्ती में सेनेटरी पैड की वेंडिंग मशीन लगा कर हुई थी. आज ये दूसरी मशीन महात्मा गाँधी गवर्मेंट स्कूल जगतपुरा, सांगनेर में लगाई गई है.


Reporter- Anup Sharma


 


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