Jaipur News:पिछले साल आबकारी विभाग राज्य सरकार के राजस्व लक्ष्य को पूरा करने में पूरी तरह विफल रहा था.अब इस वित्त वर्ष की शुरुआत में ही विभाग को दिक्कतें आना शुरू हो गई हैं.विभाग ने सभी मदिरा दुकानों की अवधि जून तक बढ़ाई है, लेकिन इनमें से भी 749 मदिरा दुकानें संचालित नहीं हो रही हैं. क्या हैं कारण, मदिरा दुकानों के साथ बार की क्या है स्थिति.


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वित्त वर्ष 2024-25 के लिए आबकारी विभाग ने नीति में मदिरा दुकानों के नवीनीकरण का विकल्प दिया था. इसमें कम रुझान के बाद अवधि विस्तार के मामले में भी आबकारी विभाग विफल होता दिख रहा है. दरअसल प्रदेशभर की मदिरा दुकानों की अवधि 30 जून तक के लिए बढ़ा दी गई है. 


आबकारी विभाग ने अवधि विस्तार आदर्श आचार संहिता के चलते किया है लेकिन विभाग के लिए चिंताजनक स्थिति यह है कि अवधि विस्तार किए जाने के बावजूद भी प्रदेशभर की सभी मदिरा दुकानें संचालित नहीं हो पा रही हैं. पिछले वर्ष आबकारी विभाग का राजस्व लक्ष्य 17 हजार करोड़ रुपए था, जिसे संशोधित कर 15500 करोड़ करके घटा दिया गया था.


 लेकिन विभाग वित्त वर्ष समाप्ति पर 13220.10 करोड़ रुपए ही राजस्व अर्जित कर सका था. अब मौजूदा वित्त वर्ष के लिए विभाग को 17100 करोड़ रुपए का राजस्व लक्ष्य दिया गया है. ऐसे में विभागीय अधिकारियों पर राजस्व लक्ष्य पूरा करने का दबाव बना हुआ है.


जानिए, प्रदेश की मदिरा दुकानों का गणित


- राज्य में कुल मदिरा दुकानों की संख्या 7662
- प्रदेश में 2797 दुकानें रिन्यू हुई, इनमें से 2795 दुकानें संचालित


- 674 दुकानों का ऑक्शन हुआ, इनमें से 664 दुकानें संचालित
- अन्य बची हुई सभी दुकानों की अवधि जून 2024 तक के लिए बढ़ाई गई


- अवधि विस्तार स्वीकारने वाली 3472 दुकानों में से 3454 दुकानें संचालित
- इस तरह प्रदेशभर में कुल 6913 मदिरा दुकानें संचालित


- कुल 7662 दुकानों की तुलना में 90.22 फीसदी दुकानें संचालित


मदिरा दुकानों के समकक्ष स्थिति ही बीयर बार या मदिरा बार के मामले में देखने को मिल रही है. राज्य में 135 बार का नवीनीकरण नहीं हो सका है. दरअसल राज्य में बीयर और मदिरा बार की संख्या 1240 है, इनमें से 1105 बार का ही नवीनीकरण हो सका है. जयपुर शहर में 418 में से 320 बार का नवीनीकरण हुआ है. आवेदनों में कमियों के चलते कई आवेदन डीईओ स्तर से लौटाए गए हैं.


प्रदेश में 749 दुकानें क्यों नहीं चल रही ?


- 177 मदिरा दुकान संचालकों ने न्यायालय से स्थगन आदेश लिया
- 287 मदिरा दुकानें विभाग द्वारा कैंसिल की गई


- 305 मदिरा दुकान संचालकों ने चलाने से इनकार कर दिया
- इन्होंने बढ़ी हुई अवधि में दुकान चलाने से मना कर दिया


-27 दुकानें अन्य किसी कारणों की वजह से संचालित नहीं
- विभाग ने 259 दुकानों को सिक्योरिटी जब्ती का नोटिस दिया


- जयपुर शहर में 62 दुकानें संचालित नहीं


- हनुमानगढ़ में 45 दुकानें, अजमेर में 37 दुकानें संचालित नहीं
- झुंझुनूं में 40 दुकानें, जोधपुर में 47 दुकानें संचालित नहीं


- नागौर में 48, श्रीगंगानगर में 45 दुकानें संचालित नहीं
- उदयपुर में 20 दुकानें, जयपुर ग्रामीण में 16 दुकानें संचालित नहीं


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