Jaipur news: पुलिस मुख्यालय की सीआईडी क्राइम ब्रांच(CID Crime Branch) ने अल सुबह डीग जिले के कैथवाड़ा कस्बे में छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम देते हुए सिंथेटिक दूध बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया. फैक्ट्री में तैयार सिंथेटिक दूध दौसा जिले के बांदीकुई थाना अंतर्गत 2 बीएमसी और थाना बैजूपाड़ा स्थित एक बीएमसी के अतिरिक्त सिकराय कस्बे की डेयरियों में सप्लाई किया जा रहा था.


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50 हजार लीटर सिंथेटिक दूध की  सप्लाई
सभी जगह से कुल 12 लोगों को डिटेन किया गया. यह कार्रवाई स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ की गई. कैथवाड़ा में पकड़ी गई फैक्ट्री से रोजाना करीब 50 हजार लीटर सिंथेटिक दूध तैयार कर सप्लाई किया जा रहा था. सीआईडी सीबी द्वारा की गई कार्रवाई में भी करीब 50 हजार लीटर सिंथेटिक दूध के अलावा भारी मात्रा में पनीर, मावा और दूध के तीन छोटे टैंकर जब्त किए गए.स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दूध और अन्य खाद्य पदार्थ के सैंपल लिए हैं.


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BMC के अध्यक्ष भी सामिल
 कैथवाड़ा थाना क्षेत्र स्थित कमालिया आइस इंडस्ट्रीज एवं मिल्क चिलिंग प्लांट में केमिकल के द्वारा सिंथेटिक दूध बनाया जा रहा था. फैक्ट्री से छोटे दूध के टैंकरों के मार्फत दौसा जिले में थाना बांदीकुई स्थित बीएमसी रलावता व झुंपडीन एवं थाना बैजूपाड़ा स्थित बीएमसी बिवाई तथा सिकराय कस्बे में तीन दूध की डेयरी में सप्लाई किया जाता.  बीएमसी के संचालक नकली दूध की जयपुर सरस डेयरी में सप्लाई कर रहे थे. इस काम में बीएमसी के अध्यक्ष की भूमिका संदिध पाई गई है. सिंथेटिक दूध में असली दूध की एक बूंद भी नहीं होती.


 सिंथेटिक दूध से स्वास्थ्य पर असर 
हाइड्रो पेरोक्साइड, यूरिया, पाम आयल, कास्टिक सोडा, मिल्क पाउडर इत्यादि को एक निश्चित मात्रा में लेकर मशीनों के जरिए तैयार किया जाता है. प्रकरण में पुलिस की जांच जारी है.स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे आरोपियों के खिलाफ CID की टीम ने शिकंजा कसा है.सिंथेटिक दूध हमारे स्वास्थ्य के लिए बहोत हानिकारक है. इसे कई सारी बिमारियों का सामना करना पड़ सकता है.


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