Khatu Shyam ji: बाबा श्याम का मेला 22 फरवरी से शुरू हो चुका है. इसके साथ ही अब बाबा के पास भक्तों का दुख-दर्द भी पहुंचने लगा है. इस फाल्गुन के मेले में हजारों भक्त खत लिखकर बाबा को अपना दुखड़ा बाबा श्याम तक पहुंचाते हैं और पुजारी मंदिर में इन चढ़ाई गई चिट्ठियों को बाबा के दरबार में उनको पढ़कर सुनाता है. 
 
कहा जाता है कि अगर कोई भक्त बाबा को खत के द्वारा अपना खत पहुंचाता है तो उसका समाधान जल्द हो जाता है. इसी के साथ शुक्रवार को पंजाब की रहने वाली बाबा श्याम की भक्त सीमा ने बाबा को एक पत्र लिखकर चढ़ाया. इसमें उन्होंने लिखा कि श्याम बाबा मैं हार गई हूं, मेरे बच्चे पर कोर्ट में केस चल रहा है, आप तो हारे का सहारा हैं और न्याय के देवता हैं. मैंने आपकी घर में जोत जला रखी है, मुझे पूरा विश्वास की आप मुझे सही न्याय दिलवाएंगे. 


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दूसरा खत जयपुर के नितिन का था, जिसमें लिखा मैंने पढ़ाई पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी के लिए काफी प्रयास किया, लेकिन मुझे सफलता नहीं मिल रही है. मैंने सुना कि बाबा श्याम के दरबार से कोई खाली नहीं जाता है. मुझे पूरा विश्वास है कि आप मेरी विनती जरूर सुनेंगे. 


मुंबई के रमेश कुमार ने चिट्ठी में लिखा कि बाबा मेरा एक कपड़े का व्यापार है. पहले मेरा काम अच्छा चलता था, लेकिन कुछ सालों से काम अच्छा नहीं चल रहा है और काफी  नुकसान हो रहा है. इसके कारण मैं हमेशा डिप्रेशन में रहता हूं. हे दीनानाथा मैं आपके मंदिर में चिट्ठी में अपना दुख बता रहा हूं. मेरा काम अच्छा चलते ही मैं आपको सवामणी चढाऊंगा. 


उत्तर प्रदेश के रहने वाले रामानंद ने खत में लिखा कि मैं बहुत दिनों से बीमार हूं और काफी इलाज करवाया, लेकिन फायदा नहीं हो रहा है. अब आप ही इस बीमारी से मुक्ति दिलाओ खाटू बाबा श्याम. मैं थक-हारकर आपके मंदिर में आस लेकर आया हूं बाबा. 


हरियाणा की मालती ने चिट्ठी में लिखा कि मेरे बड़े बेटे की शादी नहीं हो रही है. इसके लिए हमने काफी रिश्ते देखे लेकिन कहीं बात नहीं बन रही है. हे मेरे बाबा श्याम मेरे बेटे की शादी जल्दी करवाओं. यह मन्नत पूरी होने के बाद मैं आपके दरबार में जात लगवाऊंगी. 


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