Rajasthan Politics: राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू हो रहा है, लेकिन एक बार फिर सरकार के मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीणा सदन से गैर-हाजिर रहेंगे. इसके लिए किरोड़ीलाल मीणा ने विधानसभा अध्यक्ष से छुट्टी मांगी है. किरोड़ी की गैर-हाजिरी पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं, लेकिन सरकार ने किरोड़ी लाल के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए छुट्टी लेने के उनके अधिकारी की पैरवी की है. 


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING


यह भी पढ़ें- दिल्ली चुनाव में सचिन पायलट की ताबड़तोड़ सभाएं, भाषण सुन प्रत्याशी रागिनी नायक...


विधानसभा के बजट सत्र में नहीं आने की छूट मांगते हुए कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने सदन से छुट्टी मांगी है. पूरे सत्र की अवथि में छुट्टी मांगते हुए किरोड़ी लाल ने स्वास्थ्य कारणों का भी हवाला दिया है, लेकिन किरोड़ी लाल की हाज़िरी माफी पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं. 



नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि एक तरफ सरकार कह रही है कि उनके सभी मंत्रियों की परफॉर्मेंस अच्छी है, लेकिन दूसरी तरफ किरोड़ी लाल मीणा सदन में नहीं आना चाहते हैं. टीकाराम जूली ने कहा कि आखिर किरोड़ी लाल सदन में आने को लेकर अनमने क्यों हैं. इस पर सरकार को स्थिति साफ करनी चाहिए.



विपक्ष के सवाल उठाने पर संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल (Minister Jogaram Patel) ने कहा कि स्वास्थ्य कारणों के चलते कृषि मंत्री ने छुट्टी मांगी है. जोगाराम पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य किसी के लिए भी प्राथमिकता होता है और होना भी चाहिए. संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि अगर तबियत का हवाला देकर कोई मंत्री छुट्टी मांगते हैं, तो इसमें गलत बात नहीं है. उन्होंने कहा कि तबियत ठीक नहीं हो, तो काम कैसे किया जा सकेगा.



दरअसल इससे पहले भी विधानसभा सत्र में ईआरसीपी (ERCP) के मुद्दे पर बोलने के अलावा किरोड़ी लाल मीणा अधिकांश समय चुप ही रहे हैं. साथ ही सत्र के ज्यादातर दिन सदन से छुट्टी पर रहे हैं. ऐसे में चर्चा इस बात की है कि क्या किरोड़ी लाल मीणा वाकई तबियत खराब होने के कारण छुट्टी ले रहे हैं या मसला कुछ और ही है.