Jaipur : सिरोही से निर्दलीय विधायक और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार संयम लोढ़ा ने सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समक्ष उदयपुर की घटना को इंटेलीजेंस की बड़ी विफलता बताया. संयम लोढ़ा ने कहा अगर समय रहते इंटेलिजेंस की सूचना और पुलिस की सक्रियता रही थी तो ये घटना होने से रोकी जा सकती थी. हालाँकि संयम लोढ़ा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से एसआईटी के गठन समेत कई ज़रूरी कदम उठाए जाने की तारीफ भी की.


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संयम लोढ़ा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से कहा कि इस केस को स्पेशल केस मानते हुए मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये और सरकारी नौकरी देनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने संयम लोढ़ा कि इस प्रस्ताव पर सहमति जतायी है. संयम लोढा ने उदयपुर में हुई घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि हमें ये समझना होगा कि इस प्रकार की घटनाओं की उत्पत्ति होती कहाँ से है. इस जघन्य घटना से राजस्थान का सिर पूरी दुनिया मे शर्म से झुक गया है. विधायक लोढा ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं को रोकना अकेले राजस्थान के बस की बात नहीं है.


आपको बता दें कि उदयपुर के भीम कस्बे के रहने वाले 40 वर्षीय कन्हैयालाल जब अपनी दुकान में थे. तभी दोपहर करीब ढाई बजे दो लोग वहां पहुंचे और उनसे कपड़े सिलवाने के लिए माप लेने को कहा. कन्हैयालाल एक शख्स की माप लेने लगे. तभी उस शख्स ने कन्हैयाला को दोनों हाथों से दबोच लिया. जब तक कन्हैयालाल कुछ समझ पाता तब तक बदमाशों ने उन पर कई बार खंजर से हमला कर दिया मौके पर ही कन्हैया का मौत हो गयी. दोनों आरोपियों में एक ने कन्हैयालाल पर खंजर से वार किया दूसरा पूरी वारदात का वीडियो बनाता रहा.


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