Chirawa, Jhunjhunu News: राजस्थान के झुंझुनूं की बेटियों ने हर क्षेत्र में तो बेटों ने देश सेवा में अपना लोहा मनवाया है. देश के लिए मर मिटने में झुंझुनूं के लाडले पूरे देश में सम्मान के साथ जाने जाते है, लेकिन अब यहां की बहू भी किसी से कम नहीं है.झुंझुनूं के सोलाना गांव की बहू को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी के लिए प्रेरणा बताया है. दरअसल तुर्की में आए भूकंप के बाद हुई तबाही और तुर्की में राहत कार्य में सहयोग देने के लिए भारत से एनडीआरएफ की टीम तुर्की गई थी, जिसमें झुंझुनूं के सोलाना गांव की बहू सुषमा भी शामिल थी.


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सुषमा के पति एवं एनडीआरएफ में स्ट्रक्चर इंजीनियर के पद पर कार्यरत जितेंद्र झाझड़िया ने बताया कि छह फरवरी को कंट्रोल रूम से सुषमा के पास फोन आया कि तुरंत ही एनडीआरएफ की टीम को तुर्की के लिए निकलना है, जिसमें सुषमा का नाम शामिल है, जबकि सुषमा के पति उसी समय एक दूसरी ड्यूटी पर थे. सुषमा ने तुर्की में भारत की ओर से दी जाने वाली राहत में खुद को पाया तो उन्होंने कुछ नहीं सोचा और तुरंत जाने को तैयार हो गई. सुषमा के 18 महीने के दो जुड़वा बच्चे भी है, नक्ष और निया.


सुषमा ने घर पर अपने ससुर विद्याधर को बच्चों को संभवलया और तुर्की के लिए निकल गई. शाम को जब ड्यूटी से वापिस आने के बाद सुषमा के पति जितेंद्र को इसकी जानकारी लगी तो वो भी अपनी पत्नी से नहीं मिल सके और फोन पर ही उसे शुभकामनाएं दी. साथ ही दोनों बच्चों को जाकर संभाला. इसके बाद दोनों बच्चों को सुषमा के पिता रिटायर्ड सैनिक अशोक कुमार व माता नीलम के पास बागपत के बनेली गांव में छोड़ा. अब एनडीआरएफ की टीम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुखातिब हुए है, जिसमें उन्होंने खासकर सुषमा से बातचीत की और उन्हें देश के लिए प्रेरणा बताया. इधर, एनडीआरएफ के डीजी अतुल करवाल ने भी सुषमा के साहस की सराहना करते हुए उन्हें गौरवान्वित करने वाली महिला रेस्क्यूजर बताया है. 


अभी तक नहीं मिल पाई है बच्चों से
दरअसल छह फरवरी के बाद 17 फरवरी को सुषमा वापिस तो इंडिया लौट आई है, लेकिन अभी 16 दिन होने के बावजूद अभी तक नहीं मिल पाई है. सुषमा के पति जितेंद्र ने बताया कि 17 फरवरी को भारत आने के बाद उन्हें क्वारंटाइन किया गया है. वहीं, इस दरमियान एक बार बस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करवाई गई है. 


पति भी थे तैयार, लेकिन मौका नहीं मिला
जितेंद्र झाझड़िया ने बताया कि प्रथम चरण में एनडीआरएफ की तीन टीमों को एक साथ छह फरवरी को तुर्की भेजा गया था. इसके बाद दूसरे चरण में टीम को तैयार किया गया था, लेकिन भेजा नहीं गया. दूसरे चरण की टीम में उनका नाम था, वे तैयार भी थे, लेकिन मौका नहीं मिला. वे खुश है कि उनकी पत्नी ने ना केवल झुंझुनूं या फिर राजस्थान, बल्कि देश का नाम रोशन किया. 


पीएम मोदी ने की सुषमा की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर टीम के सभी सदस्यों से मुलाकात की, लेकिन सुषमा से खासकर मिले और उनकी प्रशंसा की. मोदी ने कहा कि मुझे जानकारी मिली है कि एक महिला एनडीआरएफ कर्मी अपने जुड़वा बच्चों को छोड़कर तुर्की गई थी, तो पास खड़े अधिकारियों ने सुषमा की तरफ इशारा किया. इसके बाद मोदी ने सुषमा को कहा कि अभी तक तो आप नहीं मिल पाई होंगी बच्चों से, लेकिन आप देश के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है. इसी क्रम में एनडीआरएफ के डीजी अतुल करवाल ने भी प्रेस वार्ता में कहा कि कई लेडी रेस्क्यूज ने हमें गौरवान्वित किया है. इनमें से एक सुषमा है, जो अपने जुड़वा बच्चों को छोड़कर तुर्की गई हैं. उन्होंने कहा कि महिला रेस्क्यूज को तुर्की में बहुत प्यार, सराहना और इज्जत मिली, जिसके कारण वे विषम परिस्थतियों में अच्छा काम कर पाई. 


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