Rajendra Rathore on Kesari Singh: राजस्थान में आचार संहिता लगने से ठीक पहले आनन-फानन में कई नियुक्तियां की गई. उनमें से एक नियुक्ति राजस्थान लोक सेवा आयोग में सदस्य बनाए गए कर्नल केसरी सिंह राठौर की है. जिसे लेकर अब सियासी घमासान मच गया है. जहां खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सामने आकर कहना पड़ा कि केसरी सिंह को नियुक्ति देना उनकी एक बड़ी गलती है, इस मामले में भाजपा भी कांग्रेस पर लगातार हमलावर नजर आ रही है.


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नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि हर गलती सजा मांगती है. आखिरकार कब तक गलतियों पर गलतियां करोगे मुख्यमंत्री जी, अशोक गहलोत जी, आपने महाभ्रष्ट आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा की नियुक्ति करके गलती की। इसी प्रकार डीपी जारोली की नियुक्ति करके गलती की, जिसे आपको बर्खास्त करना पड़ा। एक तरफ आदर्श आचार संहिता लग रही थी, वहीं दूसरी तरफ आप राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संवैधानिक तंत्रों का बेजा इस्तेमाल कर नियुक्तियों की रेवडियां बांट रहे थे। पूछता है राजस्थान, ऐसी भी क्या मजबूरी थी ?


 



विवादों में क्यों केसरी सिंह


केसरी सिंह का मामला जमकर सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रहा है. केसरी सिंह के कई पुराने फोटोस और वीडियो सामने आए हैं, जिसमें उन्होंने दूसरी जातियों के प्रति द्वैषता फैलाने वाली बात कही है, जिसके चलते जाट और गुर्जर समेत अन्य कई जातियां नाराज बताई जा रही हैं. साथ ही केसरी सिंह राठौड़ कुख्यात गैंगस्टर रहे आनंदपाल सिंह को भी आदर्श बता चुके हैं. उनके पुण्यतिथि पर उन्होंने रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया था.


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