Rajsamand Crime News: राजस्थान के राजसमंद में दहेज व हत्या के आरोपी पति गहरीलाल को राजसमंद जिला एवं सेशन न्यायाधीश राघवेंद्र काछवाल द्वारा 10 वर्ष का कारावास और 21 हजार रूपए के जुर्माने की सजा से दंडित किया गया है. इसको लेकर राजसमंद लोक अभियोजक जयदेव कच्छावा ने बताया कि 13/ 02/ 2021 को प्रार्थी कैलाश सालवी ने चारभुजा थाने में एक रिपोर्ट पेश की थी कि उसकी बहन डाली, जिसकी 4 साल पहले गहरीलाल मेघवाल के साथ मेरी मां ने शादी करवाई थी. मेरी बहन की गहरीलाल से शादी होने के बाद से गहरीलाल द्वारा मेरी बहन के साथ शादी में कम दहेज देने और दहेज के रुपयों की कई बार मांग की व मेरी बहन के साथ मारपीट करता था.


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मेरी बहन ने मुझे व मेरी मां व परिवार के लोगों को कई बार बताया कि तेरी मां ने मुझे शादी में दहेज कम दिया. ऐसे में परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से हम गहरीलाल की मांग पूरी नहीं कर पाने के कारण गहरीलाल मेरी बहन को प्रताड़ित कर परेशान कर मेरी बहन के साथ आए दिन लड़ाई झगड़ा करता था. हमने कई बार उसको लड़ाई झगड़ा, परेशान, प्रताड़ित नहीं करने को लेकर समझाइश की. उसके बाद भी उसमें कोई सुधार नहीं हुआ. 


वह मेरी बहन के साथ मारपीट करता रहा मेरी बहन को हमारे घर पर भी नहीं आने देता था. दिनांक 11 /2/ 2021 शाम को मैं काम से घर आया तो मेरी बहन मांगी ने मुझे बताया कि दिन में मेरे पास डाली का लंबोडी से फोन आया, डाली ने मुझे बताया कि मैं घर पर तेल से पकोड़े बना रही थी तब मेरे पति गहरीलाल ने मुझे कहा कि तू तेरे घर वालों से मेरे लिए दहेज के रूपए नहीं मंगवा रही है, तो मुझे तेरी कोई आवश्यकता नहीं है. मैं तुझे जला दूंगा कहते हुए मारपीट की और कढ़ाई का गर्म तेल मुझ पर डालने की कोशिश की. तेल मेरे पैरों की चमड़ी पर पड़ने से मेरी चमड़ी जल गई.


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यह बात मेरी बहन ने मुझे बताई. दिनांक 12 /2 /2021 के दिन मेरे जीजा जी गहरीलाल का मेरे पास फोन आया और बताया कि तुम्हारी बहन घर पर नहीं है फिर हमारे गांव से मैं व अन्य लोग लंबोड़ी गए. जहां आसपास में मेरी बहन को ढूंढने का प्रयास किया, जोगी तलाई के पास स्थित एक कुएं के बाहर मेरी बहन की चप्पल पड़ी हुई थी. कुएं में पानी भरा हुआ था. अंदर पानी में मेरी बहन डाली की लाश दिख रही थी. शाम होने से कुएं से लाश को नहीं निकाल सके और अगले दिन सुबह मेरी बहन की लाश को कुएं से बाहर निकलवाई. लाश को मैंने मेरे परिवार के ने देखी तो डाली के गले में खरोच जैसे निशान और बाई आंख के नीचे सूजन आई हुई थी. 


दोनों पैरों पर जलने से चमड़ी पर काले निशान थे. मेरे जीजा जी गहरीलाल द्वारा मेरी बहन डाली को दहेज के लिए प्रताड़ित कर परेशान कर, मारपीट की गई. जिससे मेरी बहन डाली कुएं में गिरकर, पानी में डूबने से मृत्यु हो गई. इस रिपोर्ट पर पुलिस थाना चारभुजा द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियुक्त गहरीलाल के विरुद्ध जिला एवं सेशन न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया. लोक अभियोजक जयदेव कछावा ने फरियादी व राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए न्यायालय में 16 गवाह तथा 38 दस्तावेज पेश किए. न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात अभियुक्त गहरीलाल को दस वर्ष कारावास और 21,000 रूपए के जुर्माने की सजा से दंडित किया गया है.