Udaipur : उदयपुर के पुला इलाके में बुधवार को नसबंदी का ऑपरेशन करने के दौरान एक महिला की मौत हो गई. इसके बाद महिला के परिजनों ने जमकर हंगामा किया. हंगामा कर रहे परिजनों ने चिकित्सालय प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने और मुआवजा देने की मांग की. सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाइश कर मामले को शांत किया और शव को मोर्चरी में रखवाया.
 
जानकारी के मुताबिक वेली बाई ने अपने पांचवें बच्चे को बड़गांव के जनाना केंद्र में जन्म दिया. पांचवे बच्चे के बाद एएनएम अनीता सेन ने उसे नसबंदी करवाने के लिए प्रेरित किया और अलगे दिन वो महिला को पुला स्थित जननी सुरक्षा क्लिनिक लेकर पहुंची. 


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जहां नसबंदी ऑपरेशन के लिए महिला को एनेस्थीसिया दिया गया था. जिससे अचानक महिला की तबियत बिगड़ गई और चिकित्सालय स्टाफ के हाथ पैर फूल गए. आनन-फानन में उन्होंने महिला को अमेरिकन हॉस्पिटल रेफर किया.  एनएम अनीता, महिला को जीबीएच अमेरिकन अस्पताल के इमर्जेन्सी में ले कर पहुंची. जहा चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों के मुताबिक महिला की मौत रास्ते में ही हो गई थी. महिला की मौत के बाद परिजन जीबीएच अमेरिकन हॉस्पिटल में हंगामा करने लगे और महिला की मौत की जांच की मांग की. 


महिला के परिजनों के बताया कि वेली बाई ने चार लड़कियों के बाद पांचवे लड़के को जन्म दिया था. वेली बाई का पति मज़दूरी करके गुज़ारा करता है और वो कुछ दिनों से अपने पीहर मेहरो का गुडा ढीकली में रह रही थी.  


इधर अखिल भारतीय आदिवासी महासभा उदयपुर के महासचिव सुरेश मीणा ने महिला के परिजनों के लिए मुआवजे की मांग की. साथ ही एएनएम अनीता सेन के खिलाफ कथित रूप से कमीशन की लालच में परिजनों को बिना बताये नसबंदी ऑपरेशन करने पर पुला स्थित निजी चिकित्सालय ले जाने और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए है. उन्होंने कहा की मुआवज़ा न मिलने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं होगा.


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