मेरठ: गन्ना समर्थन मूल्य बढ़ाये जाने की मांग को लेकर बुधवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Western UP) के किसान सड़कों पर उतरे हैं. शामली, हापुड़, मुजफ्फरनगर और बिजनौर समेत कई जिलों से चक्का जाम की खबरें हैं. भारतीय किसान यूनियन (Bhartiya Kisan Union) के सदस्य अपनी मांगों को लेकर मोदीनगर में नेशनल हाईवे-58 पर रोड पर बैठ गए हैं. इसके अलावा प्रदेश के कई राष्ट्रीय राज्य मार्गों और राज्य मार्गों पर भी किसानों ने कब्जा कर लिया है.


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बात मुजफ्फरनगर की करें तो, भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने प्रदर्शन किया. गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग को लेकर यहां भी किसानों ने चक्का जाम कर दिया. किसानों ने नेशनल हाईवे-58, मेरठ-करनाल हाईवे और पानीपत-खटीमा मार्ग पर जाम लगाया. साथ ही क्रांति यात्रा निकालने का भी आह्वान किया. किसान समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन 21 दिसंबर को क्रांति यात्रा निकालेगी.



उधर, शामली में भारतीय किसान यूनियन के लोगों ने हाईवे पर प्रदर्शन किया, जिससे दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे जाम हो गया. शामली में गन्ने के बकाया भुगतान, गन्ने के उचित दाम और किसानों की फसल को आवारा पशुओं द्वारा बर्बाद करने के मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने जनपद में करीब आधा दर्जन से ज्यादा जगहों पर धरना प्रदर्शन किया और जल्द इस मामले में निस्तारण की मांग की.


हापुड़ में भी स्थिति कुछ ऐसी ही रही, किसानों ने NH-9 जाम कर दिया. इस दौरान किसानों ने सड़क पर पराली भी फेंकी. बता दें कि यहां जिले की तीनों तहसीलों में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं.



एक तरफ गन्ना किसान अपने हक के लिए सड़क पर उतर रहे हैं. तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार में गन्ना मंत्री सुरेश राणा का कहना है कि योगी सरकार में गन्ना किसानों के हित में जो फैसले हुए हैं, वो आजादी के 70 वर्षों में नहीं किये गए. किसानों की समस्याओं पर गन्ना मंत्री का मानना है कि ये समस्याएं पिछली सरकारों की गन्ना किसान विरोधी नीतियों का नतीजा है.


उधर, यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि किसानों की समस्या को लेकर राज्य और केंद्र दोनों ही सरकारें संवेदनशील हैं.