नई दिल्ली: केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 12 दिनों से हरियाणा, पंजाब सहित अन्य कई राज्यों के किसान दिल्ली बॉर्डर पर अपनी मांगों को लेकर बैठे हुए हैं. इन बिलों के खिलाफ देशव्यापी किसान विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. 


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देश की राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में भी किसान आंदोलन में कई किसान संगठन एकजुट हो रहे हैं. सोमवार को यहां विरोध-प्रदर्शन का अनोखा अंदाज सामने आया, जहां एक शख्स एक भैंस के आगे बीन बजाते हुए विरोध जताया. शख्स ने यह दिखाया कि केंद्र की मोदी सरकार का किसानों के साथ ऐसा ही रवैया है.



क्यों हो रहा है विरोध?
गौरतलब है कि किसानों की सरकार से अब तक पांच राउंड में बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला है. किसानों के आंदोलन का सबसे बड़ा कारण नए किसान कानून की वजह से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के खत्म होने का डर है. अब तक किसान अपनी फसल को अपने आस-पास की मंडियों में सरकार की ओर से तय की गई MSP पर बेचते थे.


वहीं इस नए किसान कानून के कारण सरकार ने कृषि उपज मंडी समिति से बाहर कृषि के कारोबार को मंजूरी दे दी है. इसके कारण किसानों को डर है कि उन्हें अब फसलों की उचित कीमत भी नहीं मिल पाएगी. इसके अलावा सरकार की तरफ से फसलों पर मिलने वाला गारंटीड न्यूनतम समर्थन मूल्य का प्रावधान भी खत्म हो जाएगा, क्योंकि सरकार के इस कानून के क्लॉज़ में MSP का जिक्र नहीं किया गया है.


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हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि किसानों को भ्रमित किया जा रहा है. यह कानून किसानों के हित में ही है. वहीं किसानों का कहना है कि सरकार उन्हें ये सारी बातें लिखित में दे. इसके अलावा भी उनकी कई मांगें और आपत्तियां हैं, जिन्हें लेकर वो प्रदर्शन कर रहे हैं. 


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