अमित त्रिपाठी/महराजगंज: 22 जनवरी को रामलला के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे भारत मे उत्सव का मौहाल है. 500 साल के बाद रामलाल का मंदिर बनकर तैयार है और पीएम मोदी की मौजूदगी में प्राण प्रतिष्ठा किया जाएगा. इसके बाद आम लोगों के लिए यह मंदिर खोल दिया जाएगा. मंदिर में सेवा के दृष्टिगत कई लोग अपनी-अपनी योग्यता के अनुसार भाव दिखा रहे हैं. इसी के क्रम में महराजगंज जिले के निचलौल तहसील में न्यायिक तहसीलदार के पद पर तैनात अयोध्या के रहने वाले रामअनुज त्रिपाठी ने रामकाज के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत (वीआरएस) ले लिया है.


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

रामनगरी में बिताएंगे समय 
उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद वह अब अपना समय राम जन्मभूमि में ही बिताएंगे. हालांकि अपने सेवानिवृत्ति के आवेदन में उन्होंने पारिवारिक और स्वास्थ्य को कारण बताया है. अगस्त माह में ही प्रस्तुत आवेदन पर राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव मनीषा त्रिघाटिया ने उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृति दे दी है. जिसके क्रम में जिलाधिकारी अनुनय झा ने उन्हें कार्यमुक्त कर दिया है.


Seema Haider: भगवा टोपी पहन सीमा हैदर ने गाया सुरीला राम भजन, गांव में कराया हनुमान चालीसा पाठ


 


भगवान राम की सेवा के लिए लिया स्वैच्छिक सेवानिवृत (VRS)
महराजगंज के निचलौल तहसील में तैनात न्यायिक तहसीलदार राम अनुज अयोध्या के रहने वाले हैं. आज निचलौल तहसील सभागार में विदाई समारोह का आयोजन किया गया. जिसमें तहसीलदार रामअनुज अपनी पत्नी व बड़े भाई रामदयाल के साथ शिरकत किए. विदाई समारोह में उपजिलाधिकारी सत्य प्रकाश मिश्रा ने तहसीलदार राम अनुज को रामचरित्र मानस भेंट किया. राम अनुज ने बताया कि स्वैच्छिक सेवानिवृत (VRS ) होकर श्री राम की सेवा के लिए हमेशा के लिए सरकारी नौकरी को त्यागते अपने ईस्ट देव भगवान श्री राम के चरणों में जा रहा हूं.


Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में धूम मचा रही 30 साल की रामकटोरी, राम जन्मभूमि आंदोलन से राम मंदिर उद्घाटन तक छा गई


 


मूलत: अयोध्या जनपद के रामजन्म भूमि के समीप वशिष्ठ कुंड वार्ड के रहने वाले 55 वर्षीय रामअनुज त्रिपाठी ने पहली सरकारी नौकरी 1994 में सहायक विकास अधिकारी कृषि के रूप में नैनीताल में शुरू की थी. नौकरी के दौरान की सिविल सेवाओं की परीक्षा को लेकर तैयारी की और वर्ष 2001 में सिविल सेवा में आ गए.