रायबरेली: रेल उद्योग खासतौर से रायबरेली स्थित मॉडर्न कोच फैक्टरी (एमसीएफ) की बढ़ती जरूरतों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में जल्द ही 1,300 करोड़ की अनुमानित लागत से एक रेल एंसिलरी पार्क बनाया जाएगा. प्रदेश प्रशासन फतेहपुर रेलवे स्टेशन और रेल किराया गलियारे के समीप रेल एंसिलरी पार्क के लिए चिन्हित 400 एकड़ की जमीन को अधिसूचित करने वाला है. 


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फतेहपुर के जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि रेल पार्क परियोजना के लिए हम जल्द ही करीब 400 एकड़ की जमीन अधिसूचित करने जा रहे हैं, जिसकी अन्य सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं. पार्क में रायबरेली के एमसीएफ की पूरक आवश्यकताओं की पूर्ति होगी, जिसमें आवश्यक बोगी, फ्रेब्रिकेशन व फर्निशिंग, बिजली उपकरण, स्प्रिंग और रबर समेत अन्य सामग्री रहेगी. यह पार्क केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया योजना का हिस्सा है. 


लालगंज स्थित भारत में रेल कोच निर्माण तीसरा कारखाना है. अन्य दो कारखानों में तमिलनाडु के पेरांबुर स्थित इंटिग्रल कोच फैक्टरी और पंजाब के कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्टरी शामिल हैं. एमसीएफ का उद्घाट तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 2012 में किया था. परियोजना के कार्य में प्रगति लाने के लिए प्रदेश सरकार से समन्वय स्थापित करने वाले एमसीएफ में रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि करीब 50 कारोबारियों ने रेल पार्क में अपने संयंत्र लगाने में दिलचस्पी दिखाई है. 


जमीन अधिसूचित करने के अलावा उत्तर प्रदेश सरकार जमीन खरीदने में ब्याज अनुदान प्रदान कर रही है. साथ ही सरकार द्वारा डेवलपर को स्टांप ड्यूटी में शतप्रतिशत की प्रतिपूर्ति प्रदान की जा रही है. एमसीएफ के महाप्रबंधक राजेश अग्रवाल ने बताया कि रेल एंसिलरी पार्क एक महत्वकांक्षी परियोजना है इसे साकार किया जाना है.


एमसीएफ ने अगस्त 2014 में पहला आधुनिक कोच बनाया था और तब से कोच निर्माण कार्य यहां जोरों पर चल रहा है. चालू वित्त वर्ष में इसकी 1,500 कोच बनाने का लक्ष्य है. एमसीएफ में 2015-16 में 76 मॉर्डन कोच बनाए गए और अब यह आंकड़ा 368 हो गया है. 2018-19 में इस फैक्टरी में 1,500 और 2019-2020 में 3,000 कोच बनाने का लक्ष्य है.