नितिन श्रीवास्तव/बाराबंकी: भारत में कई प्राचीन मंदिर हैं, जिनसे जुड़े रहस्य लोगों को सदियों से आकर्षित करते रहे हैं. ऐसा ही एक अनोखा मंदिर है बाराबंकी में जो सोमैया नगर शुगर मिल के पास स्थित है. इस शिव मंदिर को लोग 'जंगलेश्वर नाथ' मंदिर के नाम से जानते हैं. कहा जाता है कि इस मंदिर में मौजूद शिवलिंग दिन में तीन बार अपना रंग बदलता है.


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पूरी होती हैं भक्तों की मनोकामनाएं
बताया जाता है कि सैकड़ों साल पहले अंग्रेजों के समय जब शुगर मिल बनने के लिए यहां खुदाई हो रही थी, इस दौरान खुदाई में शिवलिंग मिला था. फिर यहां मंदिर की स्थापना की गई. जंगल होने के कारण पहले कम ही लोग यहां आ पाते थे. लेकिन धीरे-धीरे मंदिर के बारे में पता चलते ही श्रद्धालुओं का यहां आना शुरू हो गया और सावन माह में यहां विशेष पूजा भी होने लगी. मान्यता है कि यहां चार सोमवार आने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.


ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर का शिवलिंग दिनभर में तीन बार अपना रंग बदलता है. शिवलिंग के रंग बदलने के पीछे की वजह क्या है यह कोई नहीं जानता. जानकार भी अब तक शिवलिंग के इस तरह से रंग बदलने का कारण समझ नहीं पाए हैं. बताया जाता है जो भी भक्त यहां पर अपनी मनोकामना लेकर चार सोमवार दर्शन के लिए आता है, तो उसकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.


इस रहस्यमयी शिवलिंग के दर्शन करने मात्र से इंसान की सभी इच्‍छाएं पूरी हो जाती है और जीवन की सभी तरह की तकलीफ दूर हो जाती हैं. जीवन में कोई भी परेशानी हो, इस मंदिर में दर्शन करने के बाद उससे छुटकारा मिल जाता है. 


सावन में दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु
पहले यहां जंगल होने के चलते लोगों का आना कम था, लेकिन जब से मंदिर की मान्यता के बारे में लोगों को जानकारी हुई, उसके बाद यहां भीड़ बढ़ाना शुरू हो गई. कृष्ण जन्माष्टमी, शिवरात्रि और सावन माह में यहां पर काफी भीड़ होती है. महादेव के इस मंदिर में वैसे तो हमेशा ही भक्तों का रेला लगा रहता है, लेकिन सावन माह में शिवलिंग का रंग बदलते देखना अपने आप में एक बेहद पुण्यकारी माना गया है.


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