विशाल सिंह/लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 13 सदस्यों का कार्यकाल इसी साल मई में खत्म हो रहा है. भारतीय जनता पार्टी यूपी में खाली हो रही सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची 10 मार्च तक जारी कर सकती है. भाजपा पीडीए कार्ड खेलेगी. समाजवादी पार्टी ने अपने तीन प्रत्याशियों के नाम का ऐलान पहले ही कर दिया है.


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इनको मिल सकता है मौका
एक सीट पर फिर आशीष पटेल को मौका मिलने की पूरी संभावना है. पार्टी प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक को रिपीट कर सकती है. रालोद और सुभासपा से भी एक-एक नाम भेजा जा सकता है. बीजेपी अपर्णा यादव को उतार सकती है. महेंद्र सिंह को रिपीट किया जा सकता है. मोहसिन रजा, अशोक धवन, अशोक कटारिया, बुक्कल नवाब, विद्यासागर सोनकर, डॉ. सरोजिनी अग्रवाल, निर्मला पासवान को टिकट मिलने की संभावना बहुत कम दिखाई दे रही है. यशवंत सिंह को रिपीट किया जा सकता है क्योंकि राजा भैया के काफी करीबी माने जाते हैं. राजा भैया ने राज्यसभा में भाजपा का सहयोग किया था. सूत्रों के मुताबिक नए चेहरे में पीडीए का ध्यान रखा जाएगा. 


10 मार्च तक जारी हो सकती है लिस्ट
 MLC चुनाव को लेकर हर पार्टी अपनी रणनीति बनाने में लगी है. 13 सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया 4 मार्च से शुरु हो गई और 11 मार्च तक नामांकन किया जाना है. खबर है कि भारतीय जनता पार्टी 10 मार्च तक लिस्ट जारी कर सकती है. इससे पहले रालोद ने विधान परिषद की एक सीट के लिए एनडीए प्रत्याशी के रूप में योगेश चौधरी के नाम का ऐलान किया है. 


सपा के तीन प्रत्याशियों के नाम का ऐलान
सपा ने चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने अपने तीन प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया है. सपा ने प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली और पूर्व मंत्री बलराम यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है.


किसका खत्म हो रहा है कार्यकाल
उत्तर प्रदेश की 13 विधान परिषद सदस्यों (MLC) का कार्यकाल 5 मई को खत्म हो रहा है. प्रदेश की इन 13 MLC सीट पर 21 मार्च को चुनाव होने हैं, जिसके लिए नामांकन प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है.  यूपी की जिन 13 MLC का कार्यकाल पूरा हो रहा है. उसमें बीजेपी के 10 सदस्य शामिल हैं. जबकि समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और अनुप्रिया पटेल के अपना दल के एक-एक सदस्य शामिल हैं. विधायकों के संख्या बल के मुताबिक, 10 एमएलसी सीटें BJP और तीन सीटें SP जीत सकती है. सूबे के बदले हुए सियासी समीकरण में कांग्रेस के बाद अब बसपा भी ‘विधान परिषद मुक्त’ होने जा रही है. 


कौन डालता है वोट?
विधान परिषद के चुनाव में विधानसभा के सदस्य वोट देते हैं. विधान परिषद की 13 सीटों पर हो रहे चुनाव में एक सीट जीतने के लिए 29 विधायकों के समर्थन की जरुरत पड़ेगी. इस तरह से बीजेपी को 10 और समाजवादी पार्टी के 3 सीटों पर जीत मिल सकती है. एनडीए के पास उत्तर प्रदेश में फिलहाल 288 विधायकों का समर्थन हासिल है और राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले सभी विधायक भी उनके साथ में ही हैं.


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