Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने आज यूपी के सभी प्राइवेट स्कूलों को बड़ी राहत दी है. सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है. प्राइवेट स्कूलों को अब भुगतान की गई फीस एडजेस्ट नहीं करनी होगी. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला यूपी के अभिभावकों को निराश करने वाला है. 


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पूरा मामला विस्तार से 


स्कूलों की मनमानी फीस के विरोध अभिभावकों ने दाखिल की थी याचिका


कोरोना काल में ली जा रही स्कूल फीस के विरोध में यूपी के तमाम अभिभावकों की ओर से इलाहाबाद हाइकोर्ट में याचिकाएं दायर की गई थीं. इन सभी दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया था. हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि साल 2020-21 में राज्य के सभी स्कूलों में ली गई कुल फीस पर 15% माफ़ किया जायेगा. अदालत में याचिकाकर्ता अभिभावकों की ओर से एडवोकेट शाश्वत आनंद व यानेंद्रा पांडे ने पक्ष रखते हुए जोर दिया था कि निजी स्कूलों में साल 2020-21 में ऑनलाइन ट्यूशन को छोड़कर कोई भी सेवा नहीं दी गई.  


इस प्रकार निजी स्कूलों द्वारा ट्यूशन फीस से एक भी रुपया ज्यादा लेना मुनाफाखोरी और शिक्षा के व्यवसायीकरण है. याचिकाकर्ताओं ने अपने तर्कों के समर्थन में सर्वोच्च न्यायालय के इंडियन स्कूल, जोधपुर बनाम स्टेट ऑफ़ राजस्थान के हाल ही में दिए हुए फैसले का भी हवाला दिया है. जिसमें भी कहा है कि निजी स्कूलों द्वारा बिना कोई सेवा दिए फीस की मांग करना. मुनाफाखोरी व शिक्षा का व्यवसायीकरण है.