चंबल नदी पर अब मुंबई के बांद्रा-वर्ली समुद्र सेतु की तर्ज पर तार समर्थित पुल बनने जा रहा है जो मध्यप्रदेश को इटावा से जोड़ेगा.
इस पुल को मंबई के बांद्रा-वर्ली सीलिंक की तर्ज चंबल नदी पर डिजाइन किया जाएगा, जिसका निर्माण अक्टबूर में शुरू होगा.
मुंबई के बांद्रा-वर्ली सीलिंक पुल की तर्ज पर इस पुल का निर्माण भी स्पेन केबल से होगा और इसकी अनुमानित लागत 130 करोड़ रुपये होगी.
इस पुल पर आने जाने के लिए चार लाइनें होंगी और उसकी चौड़ाी 14 मीटर होगी, जबकि लंबाई 594 मीटर से अधिक होगी.
130 मीटर ऊंचे इस पुल पर रोशनी की भी अच्छी खासी व्यवस्था होगी ताकि रात के समय वाहन चालकों को दिक्कत न हो.
हालांकि ये पुल मुख्यत: स्पेन केबल से बनाया जाएगा मगर इसमें कंक्रीट, स्टील, प्रीकास्ट सेगमेंट का भी इस्तेमाल होगा.
बरही-उदी के बीच चंबल नदी पर बना पुल 1975 में बना था जो पिछेल पांच साल में कई बार क्षतिग्रस्त हो चुका है.
दो साल पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नया पुल बनाने के लिए 296 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे.
इस पुल को बनाने का काम दिल्ली की एएससी इंफ्राटेक लिमिटेड कंपनी को मिला है.
31 जुलाई को वनविभाग और चंबल सेंक्चुरी से अनुमति मिलने के बाद कंपनी ने पुल निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है.
लेख में दी गई तस्वीरें काल्पनिक हैं. ZEE UP/UK इनके हूबहू और समान होने का दावा नहीं करता.