Krishna Janmashtami: कंस का किला, सांदीपनि का आश्रम... जन्माष्टमी पर कन्हैया की याद दिलाती हैं ये तस्वीरें
Janmashtami 2024: श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर आज मथुरा, वृंदावन से लेकर देश ही पूरी दुनिया भर में उत्साह का माहौल है. कन्हैया के मंदिर दमक रहे हैं. भक्त कान्हा का हैपी बर्थडे मना रहे हैं या तैयारियों में जुटे हैं. आइए ऐसे समय में कुछ दुर्लभ तस्वीरें देखते हैं, जो कन्हैया के समय की याद दिलाते हैं.
कंस का किला
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जी हां, मथुरा में कंस के किले का खंडहर इस तस्वीर में देखा जा सकता है. @IndiaHistorypic ने आज ऐसी कई तस्वीरें ट्वीट की हैं. यह तस्वीर 1949 की बताई जा रही है. इसमें दीवारें साफ देखी जा सकती है. ईंटों की बनावट भी दिखाई दे रही है. Ruins of Kans Ka Qila ( Fort of Kans ), Mathura
गौर से देखिएगा
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1643 ईसवी की यह तस्वीर कृष्ण लीला का वर्णन कर रही है. गौर से देखिए तब समझ में आएगा. पश्चिम बंगाल के बिष्णुपुर की यह तस्वीर श्यामराय मंदिर की है.
800 साल पुरानी नक्काशी
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बीच में कन्हैया बांसुरी बजाते दिख रहे हैं. आस-पास ग्वाल बाल और मोरों को दिखाया गया है. मंदिर का यह हिस्सा 12वीं शताब्दी का है. कर्नाटक के Halebidu में होयसल राजवंश का शासन था. इसमें भारतीय संग्रहालय कोलकाता में रखा गया है.
1949 में श्री कृष्ण जन्मभूमि
यही वो जगह है जहां भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था. मथुरा की यह तस्वीर 1949 की है.
जहां कन्हैया पढ़ने गए थे
यह तस्वीर गुरु सांदीपनि आश्रम उज्जैन (एमपी) की है. यहीं पर गुरु सांदीपनि से पढ़ने कृष्ण, बलराम और सुदामा गए थे. यह मंदिर उनकी याद दिलाता है.
मथुरा में जन्माष्टमी की धूम
1949 में कुछ इस तरह से जन्माष्टमी मनाई गई थी. तब देश को आजाद हुए दो साल ही हुए थे.