नई दिल्ली: टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को डिसीजन रिव्यू सिस्टम (DRS) का 'मास्टर' कहा जाता है. डीआरएस को धोनी रिव्यू सिस्टम के नाम से भी बुलाया जाता है. शायद ही कोई मौका आया हो जब रिव्यू के मामले में धोनी से गलती हुई हो. आमतौर पर जब भी धोनी रिव्यू लेते हैं तो अंपायर को अपना फैसला बदलना ही पड़ता है. लेकिन महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर का कुछ और ही मानना है. 


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गावस्कर का चौंकाने वाला बयान


सुनील गावस्कर ने धोनी नहीं इस खिलाड़ी को DRS में सबसे ज्यादा स्मार्ट बताया है. गावस्कर ने भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए तीन वनडे मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले के दौरान डीआरएस को नया नाम दिया. गावस्कर ने मैच के दौरान कमेंट्री करते हुए कहा, 'पहले जब एमएस धोनी सही रिव्यू लेते थे, तो उसे धोनी रिव्यू सिस्टम कहा जाता था. अब रोहित शर्मा इसे सही तरह से इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए आप इसे डेफिनेटली रोहित सिस्टम कह सकते हैं.'


धोनी नहीं इस खिलाड़ी को बताया DRS में सबसे ज्यादा स्मार्ट


रोहित शर्मा ने पहले वनडे मैच में तीन सफल रिव्यू लिए. गावस्कर इससे काफी प्रभावित नजर आए. गावस्कर ने रोहित की कप्तानी की जमकर तारीफ की. रोहित ने सबसे पहले डैरेन ब्रावो, फिर निकोलस पूरन और अंत में शामराह ब्रूक्स के खिलाफ सही रिव्यू लिया. तीनों पर तीसरे अंपायर का फैसला भारत के पक्ष में रहा.


गावस्‍कर ने डीआरएस लेने में विकेटकीपर की भूमिका का महत्‍व बताया क्‍योंकि कप्‍तान आखिरी फैसला लेने से पहले अपने कीपर से जरूर पूछता है. गावस्‍कर ने समझाया, 'ऐसी स्थिति आएगी जब आप इसका गलत उपयोग करेंगे, लेकिन यहां विकेटकीपर की जिम्‍मेदारी अहम हो जाती है, क्‍योंकि वो आपको बताएगा कि गेंद कहां पिच हुई थी.'


भारत सीरीज में 1-0 से आगे 


गावस्‍कर ने कहा, 'अगर गेंद पैड पर लीग, घुटने के नीचे या ऊपर लगी तो गेंदबाज की भूमिका बढ़ेगी. अन्‍यथा, विकेटकीपर ऐसे में अहम भूमिका निभाता है.' भारत ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्‍टेडियम में अपने 1000वें वनडे को यादगार बनाया और वेस्‍टइंडीज को पहले वनडे में 6 विकेट से मात देकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई.