समीक्षा कुमारी/शिमला: हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में प्रचार-प्रसार दौर लगातार जारी है. इस बीच तमाम पार्टियां अब अपने घोषणा पत्र जारी करने की तैयारी में लगी हुई है. ऐसे में गुरुवार को हिमाचल विधानसभा चुनाव के लिए  माकपा ने घोषणा पत्र जारी पहल कर दी है. वहीं इसके बाद कल यानी 4 November को भाजपा और पांच को कांग्रेस अपना घोषणा पत्र जारी करेगी. 


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Himachal Election: इन 3 हॉट सीटों पर कड़ा मुकाबला, यही तय करती हैं किसकी बनेगी सरकार! 


CPIM ने अपने घोषणा पत्र में हिमाचल को पुन विशेष राज्य का दर्जा दिलाकर विशेष आर्थिक पैकेज को बहाल करना. चंडीगढ़ से राज्य का 7.19 फ़ीसदी हिस्सा लेना, प्रदेश के जंगलो की रक्षा के लिए केंद्र से 1,000 करोड़ रूपये का मुआवजा लेना, बिजली उत्पादन में 10 फ़ीसदी प्रति यूनिट के हिसाब से रॉयल्टी दिलवाना, प्रदेश की नदियों के पानी को संसाधन के रूप में विकसित करने के लिए विशेष ग्रांट लेना, सीमेंट व दूसरे उधोगों पर निर्यात शुल्क लगाना, पर्यटक स्थलों को विकसित करना, हर रोजगार के साथ सामाजिक सुरक्षा को शामिल करने जैसी घोषणाएं की है.


CPIM के राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद ने कहा की हिमाचल में OPS की बहाली, गैर सरकारी कर्मियों को EPF , ESI, मेडिकल व पेंशन की सुविधा दिलवाना, मजदूरों के लिए न्युनतम वेतन 26,000 करवाना, सरकारी विभागों में नियमित भर्तियां, बेरोजगारों को प्रतिमाह तीन हज़ार रूपये बेरोजगारी भत्ता देना, आंगनबाड़ी और आशा वर्कर व मिड डे मिल के लिए स्थायी नीति बनाने सहित कृषि बागबानी, शिक्षा स्वास्थ्य, महिलाओं आदि के लिए काम करने की घोषणा की है. 


आपको बता दें, CPIM हिमाचल में 11 सीटों पर जबकि एक सीट पर CPI चुनाव लड़ रही है. ऐसे में 8 दिसंबर को ही पता चलेगा कि इन 11 सीटों में से कितने पर सीपईआईएम अपना कब्जा कर पाती है. 


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