Attack on Houthis: अमेरिकी-ब्रिटिश सैन्य गठबंधन ने यमन के लाल सागर में बंदरगाह शहर होदेइदाह में हूती ठिकानों पर कई हमले किए हैं. मीडिया ने यह जानकारी दी. हूतियों की तरफ से चलाए जा रहे सैटेलाइट टीवी चैनल अल-मसीरा ने शनिवार को कहा कि हमले बंदरगाह शहर और उसके आसपास हुए. इसमें शहर के उत्तर-पश्चिम में अल-सलीफ जिले में रास इस्सा का इलाका भी शामिल है. 


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हूतियों ने जारी किया बयान
समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन ने शनिवार के हमलों पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन शुक्रवार को हूती हमले की जानकारी देते हुए एक संक्षिप्त बयान जारी किया है.


लाल सागर में दागी मिसाइलें
शुक्रवार की देर रात, "यमन के ईरानी समर्थित हूती-नियंत्रित इलाकों से चार एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइलें लाल सागर में दागी गईं. यह अनुमान लगाया गया है कि कम से कम तीन मिसाइलें डेनमार्क के पनामा के ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज एमटी पोलक्स की तरफ दागी गईं. यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने एक्स पर लिखा, एमटी पोलक्स या क्षेत्र में किसी दूसरे जहाज में किसी नुकसान की जानकारी नहीं है."


भारत के लिए आ रहा था तेल
हूती ने अपने उपग्रह टेलीविजन में शुक्रवार को एमटी पोलक्स पर मिसाइल हमलों की जिम्मेदारी ली और जहाज को दुश्मन देश ब्रिटेन का तेल टैंकर बताया. बताया जाता है कि यह तेल भारत के लिए लाया जा हा था. शुक्रवार को, अमेरिकी विदेश विभाग ने लाल सागर और अदन की खाड़ी में आतंकवादी हमलों और अंतरराष्ट्रीय नागरिक वाणिज्यिक जहाजों के अपहरण के लिए अंसारल्लाह, जिसे आमतौर पर हूती के रूप में जाना जाता है, को जिम्मेदार ठहराया. अमेरिका ने पिछले साल नवंबर में हूती को आतंकवादी समूह घोषित किया था. 


हूती की तरफ से कहा गया है कि उनके हमले हमास के साथ एकजुटता दिखाने के लिए और गाजा पर इजरायली हमले रोकने के लिए हैं. हूती ने और हमले करने का संकल्प जताया है.