Gaza: हमास ने बंधक इजराइली सैनिक ऐगम बर्जर को गाजा में रेड क्रॉस के हवाले कर दिया है. हमास-इजराइल के बीच 19 जनवरी को हुए संघर्ष विराम समझौते के तहत आज यानी 30 जनवरी को 2 इजरायली नागरिकों को रिहा किया गया. वहीं, 5 थाइलैंड के नागरिकों को भी रिहा किया है, जिसे 7 अक्तूबर 2023 के हमले के बाद बंधक बनाया था. संघर्ष विराम समझौते का मकसद इजराइल और हमास के बीच विनाशकारी युद्ध को खत्म करना है.


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

इजराइली सेना ने भी कहा है कि उसे हमास द्वारा रेड क्रॉस को सौंपी गई महिला सैनिक मिल गई है. समझौते के शुरुआती छह सप्ताह में कुल 33 इजराइली बंधकों और लगभग 2,000 फलस्तीनी कैदियों की रिहाई होनी है. इजराइल ने कहा है कि उसे हमास की ओर से सूचना मिली है कि उनमें से आठ बंधकों की मौत हो चुकी है.


हमास ने किया था ये ऐलान
हमास ने ऐलान किया था कि वह इस सप्ताह 6 बंधकों को रिहा करेगा, जिनमें अर्बेल येहुद भी शामिल है. इजरायल ने येहुद की रिहाई के मुद्दे पर ही गाजा में फिलिस्तीनियों की वापसी रोक दी थी. इजरायल के पीएम कार्यालय के एक बयान के मुताबिक, "पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में गहन वार्ता के बाद, हमास ने अपने कदम पीछे खींच लिए और वह इस गुरुवार को बंधकों को रिहा करने का एक अतिरिक्त चरण पूरा करेगा."


उत्तरी गाजा में लौटे हजारों फिलिस्तीनी
इससे पहले इजरायल ने हजारों विस्थापित फिलिस्तीनियों के अपने घर लौटने से रोक दिया था. शनिवार रात से बढ़ी संख्या में गाजावासी सड़कों पर उतर आए और गाजा जाने का इंतजार कर रहे थे. घर जाने की कोशिश में कर रहे एक फिलिस्तीनी युवक इजरायली बलों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी, जबकि कुछ अन्य लोग घायल हो गए थे. हालांकि बाद में इजरायल ने फिलिस्तीनियों को उत्तरी गाजा में जाने की इजाजत दे दी, जिसके बाद लाखों फिलिस्तीनी अपने घर गए.


50 हजार से ज्यादा लोगों की मौत
गौरतलब है कि गाजा में पिछले 15 महीने से जारी जंग में 50 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1 लाख से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं. वहीं, हमास ने पहले इजरायल पर हमला किया था और 250 नागरिकों को बंधक बना लिया था. इसके बाद इजरायल ने हमास के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर दिया था.