Azam Khan Jail: रामपुर की एक अदालत ने आज़म ख़ान को तीन साल की सज़ा सुनाई है. इसके अलावा उन पर 25 हज़ार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है. आपको बता दें कि आज यानी 27 अक्टूबर को अदालत ने उन्हें हेट स्पीच देने के मामले में क़ुसूरवार क़रार दिया था. जिसके कुछ घंटे बाद ही उन्हें ज़मानत भी मिल गई. दरअसल आज़म ख़ान के ख़िलाफ़ हेट स्पीच देने के मामले में मुक़दमा दर्ज कराया गया था. अदालत ने आज़म ख़ान को IPC की दफ़ा 153-A, 505-A और 125 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मुजरिम क़रार दिया है.


2019 के मामले में हुई है सज़ा


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दरअसल आज़म ख़ान को 2019 में दी गई एक स्पीच में मुजरिम क़रार दिया गया है. उन्होंने मिलक कोतवाली इलाक़े के खातानगरिया गांव में रैली को ख़िताब किया था. उन पर इल्ज़ाम लगा था कि उन्होंने इस दौरान भड़काऊ स्पीच दी जिससे लोगों में नफरत फैली. इस स्पीच का वीडियो काफी वायरल भी हुआ था.


इसी साल आए थे जेल से बाहर


आपको बता दें आज़म ख़ान ने पीएम मोदी के ख़िलाफ़ भी तब्सिरा किया था. इस मामले में कोर्ट में केस चल रहा था. पिछले दिनों इस केस की सुनवाई पूरी हुई थी. जुमेरात को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए आज़म ख़ान को क़ुसूरवार क़रार दिया.  आज़म ख़ान इसी साल मई में 28 महीने जेल में बिता कर बाहर आए थे. इसके बाद से वह लगातार बीमार चल रहे हैं. हेट स्पीच देने के मामले में आज़म ख़ान के ख़िलाफ़ सख़्त सज़ा की मांग की गई थी. 


यह मामला रामपुर की अदालत में चल रहा था. इस मामले में अदालत में 21 अक्टूबर को सुनवाई पूरी हुई थी. इसके बाद अदालत ने अपना फैसला महफूज़ रख लिया था. ऐसा माना जा रहा है कि कोर्ट के इस फैसले के बाद आज़म ख़ान की असेंबली की मेंबरशिप चली जाएगी.