नई दिल्लीः जनता पार्टी सरकार के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा (H D Deve Gowda) के दामाद और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री कुमार स्वामी के बहनोई मंजूनाथ (C N Manjunath) ने भाजपा उम्मीदवार के तौर पर अपने राजनीतिक करिअर की शुरुआत की है. भाजपा की टिकट पर उनका मुकाबला कांग्रेस के डी. के शिव कुमार के भाई डीके सुरेश से होगा. भाजपा ने बुधवार को मंजूनाथ को आगामी लोकसभा चुनाव के लिए बेंगलुरु ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार घोषित किया है. 


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

गौरतलब है कि भाजपा ने बुधवार को कर्नाटक में कुल 28 सीटों के लिए 20 उम्मीदवारों की अपनी पहली लिस्ट की घोषणा की है. मंजूनाथ का मुकाबला उपमुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार के भाई और मौजूदा सांसद डीके सुरेश से होगा.  


उल्लेखनीय है कि इस वक्त भाजपा और जद (एस) कर्नाटक में गठबंधन सरकार का हिस्सा है. सूत्रों के मुताबिक, जद (एस) तीन सीटों - मांड्या, हासन और कोलार - पर चुनाव लड़ेगी और दोनों दलों के बीच मंजूनाथ को मैदान में उतारने पर सहमति बनी है. वह पेशे से एक मशहूर डॉक्टर हैं. इस साल जनवरी में सेवानिवृत्त होने से पहले मंजूनाथ ने 17 साल तक राज्य के स्वामित्व वाले श्री जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवास्कुलर साइंसेज एंड रिसर्च का नेतृत्व करते थे. मंजनाथ के भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के फैसले पर राज्य में राजनीति बयानबाजी तेज हो गई है. 


भाजपा ने किया स्वागत 
मंजूनाथ का भाजपा में इस्तकबाल करते हुए राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता येदियुरप्पा ने कहा कि उनके शामिल होने से पार्टी मजबूत हुई है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोनों ने उनके पार्टी में आने और चुनाव लड़ने पर खुशी जताई है. येदियुरप्पा ने कहा, ’’जब ऐसे लोग चुनाव लड़ते हैं, तो उन्हें निर्विरोध चुना जाना चाहिए, लेकिन राजनीति में चुनाव अपरिहार्य है.“ 

मोदी के काम से प्रभावित हैं मंजूनाथ 
मंजूनाथ ने कहा, “यह मोदी के लिए हैट्रिक चुनाव होगा. उनके नेतृत्व में देश ने अर्थव्यवस्था सहित सभी क्षेत्रों में वैश्विक प्रतिष्ठा हासिल की है. उन्होंने हमेशा उपलब्धि हासिल करने वालों और विशेषज्ञों को प्रोत्साहित किया है.“ हृदय रोग विशेषज्ञ और चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी सेवा के दौरान मैंने यह देखा है कि प्रणानमंत्री ने चिकित्सा सेवाएं गरीबों और वंचितों तक कम लागत पर पहुंचाने का काम किया है.’’ 


कुमारस्वामी ने कहा उनकी बहन इस फैसले से दुखी है 
इस बीच, मंजूनाथ के पत्नी के भाई और पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा कि भाजपा आलाकमान ने उनसे अपने बहनोई डॉ. मंजूनाथ हासन जिले के एक किसान के बेटे हैं, जिन्होंने विदेश में भी नाम कमाया है. मैंने उन्हें कभी अपनी पार्टी से उम्मीदवार बनाने का फैसला नहीं किया.’’ कुमारस्वामी ने यह भी कहा था कि उनकी बहन (मंजूनाथ की पत्नी) अपने पति के राजनीति में आने से खुश नहीं हैं. “मेरी बहन आंसू बहा रही है और पूछ रही है कि उन्हें राजनीति में क्यों घसीटा जा रहा है. वह कह रही हैं कि हम शांति से रह रहे हैं, हमें राजनीति नहीं चाहिए.’’