Khalid Saifi's plea rejected: दिल्ली दंगो के आरोपी और ‘यूनाइटेड अगेंस्ट हेट’ के संस्थापक खालिद सैफी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. दिल्ली की एक अदालत ने अपने मोबाइल फोन नंबर के इस्तेमाल की इजाज़त मांगने वाली खालिद सैफी की याचिका को खारिज कर दिया है. साल 2020 में CAA-NRC प्रोटेस्ट के दौरान हुए दिल्ली दंगों के साजिशकर्ता के रूप में खालिद सैफी को दिल्ली पुलिस द्वारा आरोपी बनाया गया है. खालिद सैफी 2020 से ही जेल में बंद हैं. 


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अदालत ने क्या कहा? 
बता दें दिल्ली पुलिस नें जांच के दौरान खालिद सैफी का मोबाइल फौन ज़ब्त कर लिया था. इसी को जारी करने के लिए सैफी ने अदालत में याचिका दाखिल की थी. याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा, "मोबाइल फोन या सिम कार्ड जारी नहीं किया जा सकता क्योंकि उसमें मामले से संबंधित जानकारी है. अदालत ने यह भी कहा कि डुप्लिकेट सिम जारी करने से व्हाट्सएप जैसे डेटा को हटाया जा सकता है या बाधित किया जा सकता है." इन्हीं कारणों का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि ये आवेदन मंजूर होने लायक नहीं है.  


कैसे हुई थी सेफी की गिरफ्तारी?
USCRIF की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक 26 फरवरी, 2020 को दिल्ली पुलिस ने पुलिस के खिलाफ हिंसा भड़काने का आरोप लगाने के बाद खुरेजी खास में मस्जिद वली गली के पास से यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के फाउंडर मेंबर सैफी को गिरफ्तार कर लिया था. हालाँकि कुछ मानव अधिकार संघटनों का मानना है कि सैफी को धार्मिक भेदभावपूर्ण नागरिक संशोधन अधिनियम (CAA) का विरोध करते हुए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए निशाना बनाया गया था. उस समय वक्त पुलिस ने कथित तौर पर उन पर IPC और 1959 शस्त्र अधिनियम के तहत FIR 44/2020 के तहत "हत्या, एक सार्वजनिक अधिकारी पर हमला करने और दंगा करने" का आरोप लगाया था. कथित तौर पर पुलिस हिरासत में सैफी को यातना भी दी गई थी, जिससे उनके दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गया था.