Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र में सियासी घमासान जारी है. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट के 40 विधायकों की अयोग्यता के मामले में विधानसभा राहुल नार्वेकर ने विधायकों को दो सप्ताह का मोहलत दिया है. इस फैसले उद्धव गुट नाराज हो गया है. क्योंकि उद्धव गुट ने ही स्पीकर के पास शिंदे गुट के 40 विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई करने की शिकायत की थी. 


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महाराष्ट्र विधान सभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर ने मुख्यमंत्री शिंदे समेत 40 विधायकों को 7  जुलाई को नोटिस जारी किया था. अयोग्यता वाले मामले में ये नोटिस दिया गया था. जिसका जवाब 7 दिनों से पहले देने को कहा गया था.  इसके बाद शिंदे गुट के विधायकों ने स्पीकर से नोटिस प्राप्त करने के बाद उनसे कुछ दिन और समय मांगा था. शिंदे गुट के विधायकों ने अपने अर्जी में कहा कि "उन्हें गवाह लाने और अपना कानूनी बचाव करने के लिए मौखिक दलीलें पेश करने के लिए और अधिक समय की जरूरत है." 


जानकारी के लिए बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र विधान सभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को एक समय-सीमा के अंदर कार्रवाई करने का सुझाव दिया था और वह डेडलाइन खत्म होने जा रही है. सुप्रीम कोर्ट में उद्धव गुट ने याचिका दाखिल कर निर्देश देने की मांग की थी कि विधान सभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को शिंदे गुट के विधायकों की अयोग्यता के मुद्दे पर जल्द फैसला देने के लिए कहा जाए. 


उद्धव गुट के विधाकों को नोटिस जारी
महाराष्ट्र के विधान सभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने उद्धव गुट के 14 विधायकों को नोटिस जारी किया है. इन विधायकों के खिलाफ शिंदे गुट ने अयोग्यता की कार्रवाही शुरू करने  के लिए स्पीकर खत लिखा है. इस नोटिस का जवाब देते हुए उद्धव गुट ने दावा किया कि "यह नोटिस अवैध है. क्योंकि सुप्रीम कोर्ट पहले कह चुका है कि भरत गोगवले की शिवसेना के मुख्य सचेतक के रूप में नियुक्त्ति अवैध है."  उद्धव गुट ने विधान सभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को चेतावनी दी है कि अगर अयोग्यता पर कोई फैसला नहीं लेते है तो फिर से सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.


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