Noida: नोएडा में पुलिस ( Noida Police ) ने डिजिटल रेप  ( Digital Rape ) के आरोपी को फेज-2 बस स्टैंड से गिरफ्तार किया है. आरोपी ने सात साल की बच्ची के साथ डिजिटल रेप किया था.  जिसके बाद बच्ची के परिजनों ने थाना फेज-2 पुलिस से शिकायत की थी. पुलिस ने बताया कि लोकल इंटेलिजेंस द्वारा मिली गोपनीय सूचना और कैमरों की सीसीटीवी फुटेज ( CCTV Footage) के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया. इसकी पहचान शुभम पुत्र स्व. दयाराम निवासी लखीमपुर खीरी ( Lakhimpur Khiri) हुई है.


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दरअसल 17 अप्रैल को पीड़ित परिवार ने शिकायत दी थी कि वह परिवार के साथ नया गांव में किराये पर परिवार के साथ रहता है. पीड़िता की 7 साल की बेटी दोपहर करीब 2 बजे गली में खेल रही थी. इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति आया और टॉफी आदि खिलाने का लालच देकर बच्ची को अपने साथ ले गया. इसके बाद गली नंबर 4 में मकान के अंदर ले जाकर बेटी के साथ डिजिटल रेप किया. सूचना मिलने पर एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया.


क्या होता है डिजिटल रेप 
डिजिटल रेप का मतलब यह नहीं कि, किसी लड़की या लड़के का शोषण इंटरनेट के माध्यम से किया जाए. यह शब्द दो शब्दों यानी डिजिटल और रेप से बना है. अंग्रेजी के डिजिट का मतलब जहां अंक होता है. वहीं अंग्रेजी शब्दकोश के मुताबिक उंगली, अंगूठा, पैर की उंगली इन शरीर के अंगों को भी डिजिट से संबोधित किया जाता है.  यानी यह रेप की वह स्थिति है, जिसमें उंगली, अंगूठा या पैर की उंगली का इस्तेमाल नाजुक अंगों पर किया गया हो.  उसे डिजिटल रेप कहा जाता है. 


इन धाराओं में होता है केस दर्ज
भारत के कानून के अनुसार, डिजिटल रेप के मामले में आरोपी को कम से कम पांच साल तक जेल की सजा हो सकती है. और डिजिटल रेप केस में धारा 354 और 376 के साथ केस दर्ज किया जाता है.  यदि पीड़िता नाबालिग है तो पॉक्सो एक्ट भी लगाया जाता है.