केरल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया. जहां अस्पताल के डॉक्टर्स की लापरवाही देखी गई. दरअसल, साल 2017 में  कोझीकोड की रहने वाली 30 वर्षीय महिला अपनी तीसरी डिलीवरी के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल आई थी. जहां डिलीवरी के दौरान डॉक्टर्स की लापरवाही से उसके पेट में ही ऑपरेशान वाली कैंची छोड़ दी थी लेकिन अब उसे बाहर निकाल लिया गया है. 


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5 साल बाद मिली दर्द से राहत


हर्षिना के पेट से अब 11 सेंटीमीटर लंबी कैंची निकाल ली गई. उन्हें पांच साल बाद पेट में असहनीय दर्द से मुक्ति मिली है. उन्होंने बताया कि परेशानी तब शुरू हुई, जब वह 2017 में कोझीकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अपनी तीसरी डिलीवरी के लिए गई थी. हर्षिना ने कहा, "30 नवंबर, 2017 को मेरा सिजेरियन हुआ था. 


सीटी स्कैन में नज़र आई कैंची


हर्षिना ने बताया कि सिजेरियन के बाद उनके पेट में बार-बार दर्द होता था.  उन्होंने कई बार अपना इलाज कराया लेकिन उसके बावजूद उनका दर्द कम नहीं हुआ और ऐसे ही दर्द को बर्दोश्त करते करते पांच साल गुज़र गए. जब उनका दर्द बर्दाश्त से बाहर हुआ तो उन्होंने एक अस्पताल में गईं और वहां सीटी स्कैन कराया. जिसमें उनको पता चला कि उनके पेट में एक धातु की वस्तु है. बाद में उन्हें साफ मालूम हुआ कि वह एक कैंची थी.


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पीड़िता ने की सीएम से शिकायत


पेट में कैंची होने का पता चलने के बाद उन्हें उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां वह अपनी तीसरी डिलीवरी के दौरान गई थी और वहां ऑपरेशन के दौरान चूक हुई थी. जिसके बाद उनकी सर्जरी की गई और कैंची को पेट से बाहर निकाल लिया गया लेकिन पीड़ित पीड़ित महिला का कहना है कि जो उसने पांच साल से दर्द सहा है उसका क्या? डॉक्टर्स से इतनी बड़ी लापरवाही से नाराज़ पीड़िता ने अब मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज से उस दर्द की शिकायत की है जो उसे डॉक्टरों की लापरवाही की वदह से झेलनी पड़ी.


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