TMC Leader Mahua Moitra: तृणमूल कांग्रेस की लीडर व पूर्व एमपी महुआ मोइत्रा को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत तृणमूल कांग्रेस की लीडर महुआ मोइत्रा के खिलाफ एक जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) से खुफिया जानकारी मीडिया में कथित तौर पर लीक किये जाने के विरूद्ध उनकी अर्जी को खारिज कर दिया है. जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने फैसला सुनाते हुए कहा कि TMC नेता की अर्जी खारिज की जाती है. महुआ मोइत्रा ने जारी जांच के सिलसिले में कोई भी गोपनीय, संवेदनशील, असत्यापित/अपुष्ट सूचना प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को लीक करने से ईडी को रोकने के लिए एक निर्देश जारी करने की कोर्ट से अपील की थी.


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 उन्होंने कई मीडिया संस्थानों को प्रतिवादी संख्या-1(ईडी) द्वारा की जा रही जांच/कार्यवाही के सिलसिले में कोई भी जानकारी लीक/प्रकाशित करने या प्रसारण करने से रोकने के लिए भी निर्देश देने की अपील की थी. इस जांच में, याचिकाकर्ता को FEMA के प्रावधानों के तहत समन जारी किये गए हैं. पूर्व एमपी की तरफ से अदालत में पेश हुए सीनियर वकील ने दावा किया कि मोइत्रा को परेशान किया जा रहा है और जांच एजेंसी द्वारा उन्हें तलब किये जाने संबंधी जानकारी मीडिया ने उनके समन प्राप्त करने से पहले ही प्रकाशित कर दी.



 ईडी ने फेमा के तहत दर्ज मामले में मोइत्रा को समन जारी किये थे. जराए ने बताया कि मामले में गैर मुल्क भेजी गई रकम और रकम को ट्रांसफर करने के अलावा एक अनिवासी बाहरी खाते से जुड़े लेनदेन एजेंसी की जांच के दायरे में हैं. मोइत्रा ने अपनी अर्जी में कहा था कि जांच के बारे में खुफिया सूचना मीडिया को लीक किये जाने से "स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच" के उनके अधिकार पर गंभीर असर पड़ा है. गुरुवार को हुई सुनवाई में महुआ मोइत्रा के वकील ने अदालत में कहा था कि जांच चल रही है लेकिन उससे पहले ही मीडिया में केस को लेकर सूचना लीक हो रही हैं. यह भारतीय संविधान के आर्टिकल 21 की खिलाफवर्जी है. जिसकी वजह से उनको परेशानी का सामना करना पड़ रह है.