Yana Mir Controversy: "मैं मलाला युसुफज़ाई नहीं हूं" कहने वाली कश्मरी पत्रकार याना मीर का बीते रोज एक वीडियो वायरल हुआ. जिसमें वह दावा कर रही थीं कि उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट एयरपोर्ट पर कस्टम ने काफी परेशान किया और उनके लगेज की तलाशी ली. अब इस मामले में कस्टम डिपार्टमेंट का बयान आय है, और उन्होंने कहा है कि विशेषाधिकार कानून से ऊपर नहीं हैं. दिल्ली सीमा शुल्क की ओर से यह प्रतिक्रिया याना मीर के जरिए इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर आगमन पर सीमा शुल्क अधिकारियों द्वारा उसके बैग की जांच का एक वीडियो एक्स पर पोस्ट करने के बाद आई है.


कस्टम डिपार्टमेंट ने क्या कहा?


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

कस्टम डिपार्टमेंट ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा,"अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के बैग की स्कैनिंग नियमित रूप से की जाती है. जबकि अन्य पैक्सों ने बिना किसी झंझट के अपना सामान स्कैनर के अंदर रख दिया. सुश्री याना मीर को अनावश्यक रूप से बुरा लगा. कर्मचारी पूरे समय विनम्र रहे. विशेषाधिकार कानून से ऊपर नहीं हैं. फुटेज कहानी बयां करता है. विभाग ने अपने दावे के समर्थन में अपने जवाब में वीडियो फुटेज भी साझा किया है.


एक दूसरे पोस्ट में कस्टम डिपार्टमेंट ने लिखा,"सुश्री याना मीर ने अपने बैग को स्कैन करने के लिए अनुरोध किए जाने पर बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया. फुटेज में देखा गया है कि उनका सामान अंततः एयरलाइन स्टाफ और सीमा शुल्क अधिकारी के जरिए स्कैनिंग के लिए उठाया गया था,"


कस्टम डिपार्टमेंट को दिया ये जवाब


हालाँकि, दिल्ली कस्टम्स के पोस्ट के जवाब में, याना मीर ने कहा, “आप फुटेज में साफ तौर पर देख सकते हैं जैसे ही मुझे स्कैन करने के लिए कहा गया तो मैं मशीन के पास गई. अहंकारी सरकारी कर्मचारियों ने सोचा कि मशीन पर भारी सूटकेस रखने में मेरी मदद करना, या उसे ट्रॉली में वापस रखने में मेरी मदद करना उनकी गरिमा के अनुरूप नहीं है."


लंदन की भारत से की तुलना


बता दें, सोमवार को याना मिर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें उनके बैग्स को स्कैन किया जा रहा था. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. जिसमें वह कहती दिख रही थीं,"भारत में मेरा स्वागत कैसे किया गया: मैडम अपना बैग स्कैन करें, अपना बैग खोलें, आपके पास लुई वुइटन शॉपिंग बैग क्यों हैं? क्या आपने उनके लिए भुगतान किया? बिल कहां हैं?" कश्मीर स्थित पत्रकार ने कहा, "लंदनवासी मेरे बारे में क्या सोचते हैं: भारतीय मीडिया योद्धा, दिल्ली सीमा शुल्क विभाग मेरे बारे में क्या सोचता है: ब्रांड तस्कर."


पार्लियामेंट की स्पीच हुई थी वायरल


दिलचस्प बात यह है कि याना मीर की पोस्ट तब आई है जब उन्होंने "अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को धूमिल करने" के लिए पाकिस्तान के जरिए प्रचार तंत्र की कड़ी निंदा की थी और कहा था कि वह "कश्मीर, जो भारत का हिस्सा है" में पूरी तरह से सुरक्षित और स्वतंत्र हैं. लंदन में यूके संसद द्वारा आयोजित 'संकल्प दिवस' में अपने बयान में, याना मीर ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से जम्मू-कश्मीर के लोगों को "विभाजित करना बंद करने" की गुज़ारिश की थी.


मैं नहीं हूं मलाला


"मैं मलाला यूसुफजई नहीं हूं, क्योंकि मैं अपने देश भारत में स्वतंत्र और सुरक्षित हूं. अपनी मातृभूमि कश्मीर में, जो भारत का हिस्सा है. मुझे कभी भी भागकर आपके देश में शरण लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी. मैं कभी भी मलाला यूसुफजई नहीं बनूंगी."