न्यूयॉर्कः ट्विटर के बिकने के बाद उसमें बड़े पैमाने पर छंटनी हुई है. एलन मस्क ने कंपनी के अमेरिका स्थित दफ्तर से लेकर कंपनी के इंडिया ऑफिस तक ढे़र सारे कर्मचारियों को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. इसके बाद अब दूसरी सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने भी अपने 13 फीसदी या लगभग 11,000 कर्मचारियों की छंटनी कर दी है.  
कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मार्क जुकरबर्ग ने बुधवार को कर्मचारियों को लिखे एक लेटर में कहा है कि फेसबुक की कमाई में गिरावट और प्रौद्योगिकी उद्योग में जारी संकट की वजह से यह फैसला करना पड़ रहा है. छंटनी के बारे में जुकरबर्ग ने कहा, ‘‘बदकिस्मती से उम्मीदों के मुताबिक नहीं हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऑनलाइन कॉमर्स के पिछले रुझान वापस आ गए हैं, लेकिन इसके साथ ही आर्थिक मंदी, बढ़ते मुकाबले और विज्ञापन घटने की वजह से आमदनी, मेरी उम्मीदों से बहुत घट गई है. मैंने इसे गलत ढंग से समझा और मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं.’’ 

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लॉकडाउन खत्म होने से घटी इन कंपनियों की कमाई 
दूसरी सोशल मीडिया कंपनियों की तरह मेटा ने भी महामारी की वजह से लागू किए गए लॉकडाउन के दौरान इजाफा दर्ज किया था. इस दौरान बड़ी दादाद में लोग घर पर रहे और उन्होंने अपने फोन और कंप्यूटर पर ज्यादा वक्त बिताया था. हालांकि, लॉकडाउन खत्म होने के बाद लोग बाहर जाने लगे और इन कंपनियों की कमाई कम होने लगी. मेटा की आमदनी के सबसे बड़े स्रोर्स- ऑनलाइन विज्ञापन में कमी और आर्थिक मंदी की वजह से कंपनी के लिए संकट बढ़ा है. इस गर्मी में मेटा ने अपनी तारीख में पहली बार किसी तिमाही के दौरान आमदनी में गिरावट का सामना किया है.

विज्ञापन मिलना हो रहा है मुश्किल 
मेटा द्वारा ‘‘मेटावर्स’’ में हर साल 10 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश करने से भी इंवेस्टर्स फिक्रमंद हैं, क्योंकि ऐसे में उसका ध्यान सोशल मीडिया कारोबार से हट रहा है. मेटा और उसके विज्ञापनदाता आने वाली मंदी के खतरों का सामना कर रहे हैं. एप्पल के गोपनीयता टूल से भी चुनौती मिल रही है, जिसकी वजह से फेसबुक, इंस्टाग्राम और स्नैप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म के लिए रजामंदी के बिना लोगों को ट्रैक करना और उनतक टारगेट विज्ञापन देना मुश्किल होता जा रहा है. 

ट्विटर ने 50 फीसदी स्टाफ को नौकरी से किया बाहर 
गौरतबल है कि इससे पहले अरबपति कारोबारी एलन मस्क ने ट्विटर को टेक ओवर करने के बाद वहां बड़े पैमाने पर मुलाजिमों  को बाहर का रास्ता दिखा दिया था. पिछले सप्ताह ट्विटर ने अपने 7,500 स्टाफ में से लगभग 50 फीसदी को बाहर कर दिया था. इसके अलावा कंपनी के कई विभागों को हमेशा के लिए भंग कर दिया था, जहां ढेर सारे लोग काम करते थे. 


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