Bihar Politics: बीजेपी के नंदकिशोर यादव बनेंगे बिहार विधानसभा के नए स्पीकर, जानें उनके बारे में सबकुछ
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Bihar Politics: बीजेपी के नंदकिशोर यादव बनेंगे बिहार विधानसभा के नए स्पीकर, जानें उनके बारे में सबकुछ

Bihar News: बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने भी उनके नाम पर मुहर लगा दी है. जानकारी के मुताबिक, नंद किशोर यादव आज (मंगलवार, 13 फरवरी) को सुबह साढ़े 10 बजे बजे नॉमिनेशन करेंगे और कल यानी 14 फरवरी को उनके अध्यक्ष पद के लिए मतदान कराया जाएगा.

नंद किशोर यादव

Bihar Assembly New Speaker: बिहार विधानसभा के अध्यक्ष पद से अवध बिहारी चौधरी को उतारने के बाद एनडीए सरकार अब नए स्पीकर को नियुक्त करने की तैयारी कर रही है. जानकारी के मुताबिक, अब बीजेपी के वरिष्ठ विधायक नंद किशोर यादव नए अध्यक्ष बनेंगे. बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने भी उनके नाम पर मुहर लगा दी है. जानकारी के मुताबिक, नंद किशोर यादव आज (मंगलवार, 13 फरवरी) को सुबह साढ़े 10 बजे बजे नॉमिनेशन करेंगे और कल यानी 14 फरवरी को उनके अध्यक्ष पद के लिए मतदान कराया जाएगा. नंद किशोर यादव के नए स्पीकर बनने की खबर को सबसे पहले जी बिहार-झारखंड ने ही ब्रेक किया था. 

नियमों के मुताबिक नामांकन के एक दिन बाद ही चुनाव कराए जाएंगे. सूत्रों का कहना है कि मंगलवार (13 फरवरी) को बजट पेश होने और अध्यक्ष पद के लिए नामांकन के बाद इसकी सूचना राजभवन भेजी जाएगी. राजभवन से मंजूरी के बाद बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराए जाएंगे. अगर विपक्ष की ओर से कोई नामांकन नहीं किया गया तो एक ही नामांकन होने की स्थिति में नंदकिशोर यादव निर्विरोध स्पीकर चुन लिए जाएंगे. बता दें कि सोमवार (12 फरवरी) को पूर्व अध्यक्ष अवध बिहारी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग हुई थी. जिसमें सत्तापक्ष विजयी हुआ था. 

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कौन हैं नंद किशोर यादव? 

नंदकिशोर यादव, बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं और पटना सिटी विधानसभा सीट से विधायक हैं. वे कई विभागों के मंत्री भी रह चुके हैं. नंद किशोर यादव की पहचान जमीनी नेता के रूप में है. उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्रनेता के रूप में की थी. 1969 में वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे. 1971 में विद्यार्थी परिषद का हिस्सा बनें. उन्होंने 1974 में जेपी आंदोलन में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाई थी. आपातकाल के दौरान वह तकरीबन 15 महीने जेल में भी रहे थे.

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राजनीतिक परिचय

1978 में वह पहली बार पटना नगर निगम से पार्षदी का चुनाव जीते थे. 1982 में वह पटना के उपमहापौर चुने गए थे. साल 1983 में उन्हें पटना महानगर अध्यक्ष चुना गया था और 1990 में बीजेपी के युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए थे. साल 1995 में वह पहली बार विधायक बने थे. उन्होंने पटना के पूर्वी क्षेत्र से विधानसभा से अपना पहला विधायकी चुनाव लड़ा था और विधायक चुने गए थे. इसके बाद वह पटना साहिब विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं. इस सीट से वह लंबे समय से विधायक रहे हैं. एनडीए की सरकार में वे कई विभागों के मंत्री भी रह चुके हैं. 

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