राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के अंतिम दिन छलका यशवंत सिन्हा का दर्द, कहा देश में डर का माहौल
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राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के अंतिम दिन छलका यशवंत सिन्हा का दर्द, कहा देश में डर का माहौल

Yashwant Sinha in Ranch :18 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव की तारीख तय है. इसके लिए देश की सत्ताधारी पार्टी की तरफ से द्रौपदी मुर्मू को प्रत्याशी बनाया गया है वहीं विपक्ष की ओर से साक्षा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा हैं.

राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के अंतिम दिन छलका यशवंत सिन्हा का दर्द, कहा देश में डर का माहौल

रांची : Yashwant Sinha in Ranch :18 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव की तारीख तय है. इसके लिए देश की सत्ताधारी पार्टी की तरफ से द्रौपदी मुर्मू को प्रत्याशी बनाया गया है वहीं विपक्ष की ओर से साक्षा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा हैं. दोनों लगातार अपने चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर अपने पक्ष में समर्थन की मांग कर रहे हैं. इसी क्रम में विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा शनिवार को झारखंड की राजधानी रांची पहुंचे.

द्रौपदी मुर्मू को एनडीए राष्ट्रपति क्यों प्रधानमंत्री बनाए 
यहां रांची में प्रेस के सामने विपक्ष के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने कहा है कि यह चुनाव किसी व्यक्ति या समुदाय की पहचान से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि विचारधारा की लड़ाई है. उन्होंने आगे कहा कि यदि आदिवासी अस्मिता और पहचान की वजह से ही सिर्फ द्रौपदी मुर्मू को उम्मीदवार बनाया गया तो वह यह कहना चाहेंगे कि राष्ट्रपति के पास तो शक्तियां कम होती हैं. भाजपा और एनडीए की तरफ से उन्हें प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी देनी चाहिए थी. 

आज था चुनाव प्रचार का अंतिम दिन 
राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के अंतिम दिन रांची पहुंचे यशवंत सिन्हा ने कांग्रेस विधायकों और सांसदों के साथ बैठक की. आपको बता दें कि इससे पहले यहां राज्य में UPA की सहयोगी झामुमो ने द्रौपदी मुर्मू को समर्थन का ऐलान कर दिया है. यहां सिन्हा ने कहा कि चुनाव प्रचार का आज अंतिम दिन है और मैं इस अंतिम पड़ाव में अपनी कर्म भूमि झारखंड पहुंचा हूं. उन्होंने यहां कहा कि आज जिस तरह से लोकशाही को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है, वह चिंताजनक है. 

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हेमंत सोरेन से भी मिले यशवंत सिन्हा
हेमंत सोरेन और उनकी पार्टी ने पहले ही द्रौपदी मुर्मू के समर्थन का ऐलान कर दिया है, लेकिन इस सब के बाद भी यशवंत सिन्हा ने सुबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात कर अपने पक्ष में वोट मांगा. वहीं मुलाकात के बाद मीडिया से रू-ब-रू होते हुए यशवंत सिन्हा ने मोदी और भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थाओं का दुरुपयोग कर सबको डराया जा रहा है. पूरे देश में डर का माहौल पैदा किया गया है. राष्ट्रपति चुनाव में भी विधायकों की खरीद का काम चल रहा है. मीडिया के सामने यशवंत सिन्हा ने कहा कि देश की वर्तमान स्थिति बद-से-बदतर है. संसद में कुछ शब्दों को असंसदीय कहना हास्यास्पद है. हमें प्रजातंत्र को हर समय जिंदा रखना पड़ता है. वह प्रजातंत्र कहां गया, जिसे बाबा साहेब आंबेडकर ने बनाया था.  

इससे पहले नीतीश कुमार को लेकर भी छलका था यशवंत सिन्हा का दर्द
इससे पहले UPA की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने नीतीश कुमार को लेकर जो कहा उसमें उनका दर्द साफ झलक रहा था. उन्होंने कहा था कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उन्होंने कई बार फोन किया लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाया. वह ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को पटना पहुंचे थे और राष्ट्रपति चुनाव में अपने लिए विभिन्न दलों से समर्थन मांगी थी. आपको बता दें कि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू, जीतनराम मांझी की हम, लोजपा रामविलास के चिराग पासवान और लोजपा के पशुपति पारस ने पिछले दिनों राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के समर्थन का ऐलान किया है. 

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