1 अक्टूबर से हरियाणा की इन बसों की दिल्ली में 'नो एंट्री', जानें क्या है वजह?
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1 अक्टूबर से हरियाणा की इन बसों की दिल्ली में 'नो एंट्री', जानें क्या है वजह?

दिल्ली सरकार ने हरियाणा सरकार को पत्र लिखा है कि 1 अक्टूबर से बीएस-4 की बसों को एंट्री नहीं दी जाएगी. इस पर हरियाणा रोडवेज विभाग ने दिल्ली सरकार से बीएस-4 की बसों को 31 मार्च 2023 तक जारी रखने की अनुमति देने की बात कही है.

1 अक्टूबर से हरियाणा की इन बसों की दिल्ली में 'नो एंट्री', जानें क्या है वजह?

चंडीगढ़: दिल्ली में 1 अक्टूबर से बीएस-4 की बसों को एंट्री नहीं मिलेगी. वहीं दिल्ली सरकार ने हरियाणा को पत्र लिखा है कि बीएस-4 की बसों को 1 अक्टूबर से दिल्ली में एंट्री नहीं मिलेगी. ऐसे में हरियाणा और दिल्ली के बीच फिर मामला बिगड़ता दिख रहा है, क्योंकि हरियाणा से करीब 905 बसें दिल्ली जाती हैं. इनमें लगभग 50,000 से ज्यादा लोग सफर करते हैं. हरियाणा के पास बीएस-6 मानक वाली अभी केवल 60 बसें हैं. ऐसे में अगर बीएस-4 की बसों को दिल्ली में एंट्री नहीं दी गई तो यात्रियों को काफी परेशानी हो सकती है. 

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दिल्ली और हरियाणा के बीच पानी, पराली के बाद अब बीएस-4 मानक की बसों को लेकर मामला बिगड़ता दिख रहा है. दिल्ली सरकार के पत्र पर हरियाणा रोडवेज विभाग ने बीएस-4 की बसों को 31 मार्च 2023 तक जारी रखने की अनुमति दी जाने की बात कही है. हरियाणा रोडवेज विभाग ने कहा है कि बीएस-6 मानक की 1809 नई बसें खरीदने की प्रक्रिया चल रही है. इसलिए बीएस-4 की बसों को संचालन के लिए थोड़ा और समय दिया जाए. वहीं अब दिल्ली सरकार के जवाब के बाद पता चलेगा कि बीएस-4 मानक वाली बसें 1 अक्टूबर से दिल्ली जा पाएंगी या नहीं. दिल्ली को पत्र लिखे जाने की पुष्टि हरियाणा परिवहन विभाग के निदेशक वीरेंद्र सिंह दहिया ने भी की है. वहीं, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा है कि बीएस-6 की बसें जल्द से जल्द बेड़े में शामिल करने की कोशिश की जा रही है.

बता दें कि 1 अप्रैल 2020 से बीएस-6 मानक लागू किया गया है. इससे डीजल वाहनों से नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जन में 68 फीसदी और पेट्रोल वाहनों से 25 फीसदी की कमी आएगी. सल्फर की मात्रा बीएस-4 से पांच गुना तक कम होगी. इसलिए हरियाणा सरकार की बीएस-6 मानक वाली 809 नई बसें दिसंबर 2021 तक चलाने की योजना थी. इसके बाद मार्च 2022 फिर जुलाई और फिर अगस्त में बसें ऑन रूट किए जाने की बात कही, लेकिन अब तक सिर्फ 60 बसें ही आई हैं. इसके बाद अब मार्च 2023 तक बसें रोडवेज के बेड़े में शामिल किए जाने की बात कही गई है. भारत स्टेज (BS) इमिशन स्टैंडर्ड वाहनों के प्रदूषण मापने का मानक है।

हरियाणा सरकार ने अपने पत्र में लिखा है कि 905 बसें एक साथ नहीं आ सकती. 809 बसों की चेसिस तैयार कर रहे हैं. अब 1000 ऐसी बसें भी खरीदी जा रही है, जो पूरी तरह तैयार होकर आएंगी। 150 एसी डीलक्स बसों की खरीद भी जल्द की जाएगी

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