पराली जलाने पर 4.85 लाख रुपये का जुर्माना, आदेश का उल्लंघन या ऐसा करना मजबूरी?
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पराली जलाने पर 4.85 लाख रुपये का जुर्माना, आदेश का उल्लंघन या ऐसा करना मजबूरी?

हरियाणा में धान कटाई के बाद किसानों द्वारा पराली जलाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. इसकी वजह से वातावरण में प्रदूषण बढ़ने लगा है. सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद पराली जलाने के मामले थम नहीं रहे हैं. यहां अब तक पराली जलाने के 252 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं.

पराली जलाने पर 4.85 लाख रुपये का जुर्माना, आदेश का उल्लंघन या ऐसा करना मजबूरी?

करनाल : हरियाणा में धान कटाई के बाद किसानों द्वारा पराली जलाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. इसकी वजह से वातावरण में प्रदूषण बढ़ने लगा है. सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद पराली जलाने के मामले थम नहीं रहे हैं. यहां अब तक पराली जलाने के 252 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. कृषि विभाग ने एक किसानों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया है. वहीं पराली जलाने पर कृषि विभाग ने अब तक 4 लाख 85 हजार के करीब जुर्माना इकठ्ठा किया है. ये प्रक्रिया कृषि विभाग की तरफ से आगे भी जारी है.

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पराली के चलते हुए प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। पराली जलाने के मामले ज्यादातर करनाल के घरौंडा, निसिंग और नीलोखेड़ी से सामने आए हैं. कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके पर जाकर किसानों को पराली जलाने पर जुर्माना लगाया है. एक एकड़ में पराली पर आज लगाने पर करीब 2500 रुपये का जुर्माना है, लेकिन एक बात ये भी है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार अभी तक पराली जलाने के मामले पहले से कम हैं. किसान पहले के मुकाबले थोड़े से जागरूक हुए हैं पर अभी और जागरूकता की जरूरत है.

दिवाली के दिन ज्यादा जलाई गई 
करनाल के कृषि उप निदेशक आदित्य प्रताप डबास ने कहा, लोगों ने पराली में आग लगाने के लिए दीपावली के दिन का नाजायज फायदा उठाया. इस साल की सबसे ज्यादा एक्टिव फायर लोकेशन (252) सामने आई है, जिन्हें ट्रेस कर लिया गया है. कृषि विभाग की तरफ से करीब 4 लाख 85 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया है. अन्य लोकेशन पर भी कृषि विभाग काम कर रहा है. उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. 

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मशीनें न मिलने पर जलाने की मजबूरी 
शेर सिंह समेत किसानों का कहना है कि हम मजबूरी में धान की पराली को आग लगाते हैं. जब मौके पर हमें पराली की गांठें बनाने वाली मशीन नहीं मिलती हैं और अगली फसल बोने में देरी होती है, तभी मजबूरी में ऐसा करना पड़ रहा है. अगर सरकार हमें पूरी सुविधा देगी तो आगे बिल्कुल ही यह खत्म हो जाएगा.

सरकार से और सुविधाओं की दरकार 
वहीं भारतीय किसान यूनियन के नेता रतन मान का कहना है कि किसानों को पूरी सुविधा मिलेगी तो वह भी आग नहीं लगाएंगे लेकिन कहीं न कहीं सुविधा की कमी है. सरकार को किसानों को और सुविधा देनी चाहिए. अबकी बार तो बहुत कम रकबे  में आग लगी है. हम सरकार और एनजीटी से यह अनुरोध करते हैं कि किसानों के प्रति अपना रवैया नरम रखें. किसान नेता रतन मान ने कहा कि दिल्ली में पंजाब के धुएं के लेकर काफी हड़कंप मचा हुआ है, वह दिल्ली में कैसे चल गया. यह एक बड़ा सवाल है 

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