Bilara: स्वच्छ भारत अभियान को लेकर नगर पालिका के खोली पोल, हर जगह लगे कचरे के ढेर
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Bilara: स्वच्छ भारत अभियान को लेकर नगर पालिका के खोली पोल, हर जगह लगे कचरे के ढेर

बिलाड़ा उपखंड सहित गांवों में पॉलिथीन थैलियों का प्रयोग निरंतर जारी है. सरकार के रोक के बावजूद भी पॉलिथीन थैलियों का चलन जारी है. प्रशासन द्वारा स्वच्छता को लेकर जन जागरण अभियान करती है और लोगों को जागरूक कर पॉलिथीन का प्रयोग नहीं करने के लिए शपथ भी दिलाई जाती हैं, लेकिन धरातल पर सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं. 

Bilara: स्वच्छ भारत अभियान को लेकर नगर पालिका के खोली पोल, हर जगह लगे कचरे के ढेर

Bilara: जोधपुर जिले के बिलाड़ा उपखंड सहित गांवों में पॉलिथीन थैलियों का प्रयोग निरंतर जारी है. सरकार के रोक के बावजूद भी पॉलिथीन थैलियों का चलन जारी है. प्रशासन द्वारा स्वच्छता को लेकर जन जागरण अभियान करती है और लोगों को जागरूक कर पॉलिथीन का प्रयोग नहीं करने के लिए शपथ भी दिलाई जाती हैं, लेकिन धरातल पर सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं. जगह-जगह सब्जी से लेकर हर दुकानदार पॉलिथीन का प्रयोग कर रहे हैं.

बाद में पॉलिथीन कचरे में फेंक देते हैं और नाले पॉलिथीन के कारण गंदगी से भर जाते हैं और पानी की निकासी नहीं होने से नाले में पानी जमा रहता है. कभी-कभी तो गंदा पानी सड़कों पर भी आ आता है, जिसे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और बीमारियां फैलने का भी डर सताता है.

गंदगी के कारण मच्छरों की भरमार रहती है और अनेक बार लोगों ने प्रशासन को अवगत भी कराया, लेकिन आज तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई पॉलीथिन थैलियां के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. थैलियां उड़ कर उपजाऊ जमीन में समा जाती है, इस कारण फसल पर भी असर पड़ता है, कभी भूखे पशु थैलियां खा जाते हैं, पोलिथिन थेलियां खाने से पशुओं की मौत हो जाती है. 

प्रधानमंत्री का स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत अभियान पूरे देश भर में चाहे जैसा चल रहा हो, लेकिन यहां पर तो यह अभियान बेरुखी की भेंट चढ़ गया. नेताओं से लेकर अधिकारियों तक ने साफ-सफाई को लेकर बातें चाहें, जितनी अच्छी की हों लेकिन शहर को गंदगी से मुक्ति नहीं दिला सकें. सांसद, विधायक से लेकर उनके कार्यकर्ता सभी ने फिलहाल इस अभियान से मुंह मोड़ लिया है. 

वहीं, अधिकारियों को स्वच्छता अभियान की कोई फिक्र तक नहीं है. उनके क्षेत्र में कूड़े के ढेर जमा हैं, लेकिन वह इस बात से शायद या तो अंजान हैंऔर फिर उनकी नजर अभी वहां तक नहीं पहुंच सकी है. इधर नगर पालिका के सारे दावे खोखले साबित हुए हैं. चाहे कूड़ा उठवाने के दावे हों या फिर नाले और नालियों की सफाई का मामला हो, सभी की पोल खुल चुकी है. लोगों में सफाई के प्रति जागरूकता की इस कदर कमी है कि वह कूड़े और गंदगी के ढेरों के ऊपर से निकल जाते हैं. सच्चाई यह है कि स्वच्छता अभियान को लेकर सिर्फ बातें ही ज्यादा हुई हैं और काम कम हुआ है. 

जानकारी के अनुसार, बिलाड़ा बस स्टैंड के पास से निकल रहे नाला कई दिनों से खुले पड़े हैं और वहां हद से ज्यादा कचरा डाला जा रहा है. कचरे के साथ फल फ्रूट वाले सड़े हुए फल फ्रूट भी डाल देते हैं, जिसको खाने के चक्कर में आवारा घूम रहे हैं. जानवर खाने की कोशिश में इस नाले में गिर जाते हैं.

आम जागरूक नागरिकों द्वारा कई बार क्षेत्र के पार्षद चेयरमैन अधिकारीगण को इस बारे में बता चुके हैं, लेकिन ना तो किसी जनप्रतिनिधि ना अधिकारी के कान पर जूं तक रेंगी हैं. 10 और 12 दिन पहले इस नाले में एक गाय का बछड़ा गिर गया. 

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बछड़े को तड़पता हुआ देख रहा चल रही एक महिला ने वही एक बिल्डिंग में कार्य कर रहे मजदूरों को इसकी जानकारी देकर उसको बाहर निकलवाया. इस घटना की जानकारी नगर पालिका के उपाध्यक्ष चेयरमैन और कई पार्षदों को जागरूक नागरिकों द्वारा वीडियो दिखा कर बताया गया, लेकिन इस घटना के 12 दिन बाद भी इस नाले पर अभी तक किसी प्रकार के पाट नहीं लगाए गए.

शायद नगरपालिका किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं. वहीं, प्रशासन भी इस और मोन बैठा नजर आ रहा हैं. स्वच्छता को लेकर जगह-जगह होडिंग लगाकर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है. इस प्रचार-प्रसार में लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर काम नहीं दिख रहा है.

नगर पालिका के बने नाले में आज भी सफाई नहीं हो रही है और नाले गंदगी से अटे पड़े हुए हैं. बार-बार पालिका प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी कोई भी कार्रवाई नहीं हो रही है. 

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