इस्लामिक देशों के संगठन पर भारत की बयानबाजी से भड़का पाकिस्तान, दी थी ये चेतावनी
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इस्लामिक देशों के संगठन पर भारत की बयानबाजी से भड़का पाकिस्तान, दी थी ये चेतावनी

ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कंट्री (OIC) ने हाल ही में कश्मीर पर विवादित बयान दिया जिस पर भारत ने रिएक्शन दिया था. इसके बाद अब पाकिस्तान भारत पर भड़क गया है.

इस्लामिक देशों के संगठन पर भारत की बयानबाजी से भड़का पाकिस्तान, दी थी ये चेतावनी

भारत ने मंगलवार को इस्लामिक देशों के संगठन OIC को चेतावनी दी और कहा कि कश्मीर भारत का अंग है. भारत के अंदरूनी मामलों में किसी को इंटरफेयर करने की इजाजत नहीं दी जा सकती. भारत की तरफ से बयानबाजी किए जाने के बाद पाकिस्तान भारत पर भड़क गया है. 

ताहा ने क्या कहा था?

दरअसल ने इस तरह का बयान ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कंट्री (OIC) के जेनेरल सेक्रेटरी हिसेन ब्राहिम ताहा के उस बयान के बाद दी थी जिसमें उन्होंने कहा था कि  "कश्मीर मामले को सुलझाने के लिए IOC बातचीत का खाका तैयार कर रहा है. कश्मीर मुद्दों को सुलझाने के लिए जरूरी है कि बाततीच का जरिया ढूंढा जाए. इसके लिए हम पाकिस्तान सरकार और दूसरे देशों के साथ मिलकर एक प्लान बना रहे हैं."

भारत ने दिया था जवाब

इस पर भारत ने बयान दिया था कि "भारत के अंदरूनी मामलों में किसी तरह का इंटरफेयर करने का OIC और उसके जेनेरल सेक्रेटरी की कोशिश पूरी तरह से नाकाबिले कुबूल है." भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि "OIC पहले ही कम्युनल है. मुद्दों पर गलत नजरिया अपनाकर अपनी विश्वसनीयता खो चुका है. इसके महासचिव बदकिस्मती से पाकिस्तान के भोंपू बन गए हैं."

यह भी पढ़ें: इस्लामिक देशों के ऑर्गेनाइजेशन ने की कश्मीर पर टिप्पणी, भारत ने दिया जवाब

भारत पर भड़का पाकिस्तान

इस पर भारत में रहे पाकिस्तान के राजदूत ने कहा कि "अगर कश्मीर भारत का आंतरिक मुद्दा है तो फिर भारत और पाकिस्तान के बीच इस पर क्यों चर्चा होती रही है. अगर कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है तो यूएनएससी का प्रस्ताव और शिमला समझौता क्या है?"

क्या है OIC?

IOC मुस्लिम बाहुल्य देशों का समूह है. इसका पूरा नाम इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ कॉऑपरेशन है. माना जाता है कि इसमें सऊदी अरब देशों का दबदबा है. इसका हेडक्वार्टर जेद्दाह में मौजूद है. ऑर्गेनाइजेशन में सिर्फ इस्लामिक देश ही शामिल हो सकते हैं. इसका मकसद इंटरनेशनल स्तर पर नेक नियत से मुसलमानों की सुरक्षा करना है.

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