Income Tax Return: समाज कल्याण के लिए और अन्य विकास से जुड़े कार्यक्रमों को चलाने के लिए सरकार की ओर से टैक्स वसूल किया जाता है. इन टैक्स में इनकम टैक्स भी शामिल होता है और हर साल निर्धारित टैक्स स्लैब के मुताबिक टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स रिटर्न भी फाइल करना होता है. वहीं इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हुए कुछ लोगों को इनकम टैक्स ऑडिट रिपोर्ट भी दाखिल करनी होती है. अब इनकम टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने वाले लोगों के लिए अहम अपडेट सामने आया है और लोगों को जुर्माना भी देना पड़ सकता है.


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इनकम टैक्स ऑडिट रिपोर्ट


दरअसल, इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 44AB के तहत टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स ऑडिट रिपोर्ट सब्मिट करनी होती है. इस बार इसके लिए 30 सितंबर 2023 तक की तारीख निर्धारत की गई थी. अब इस तारीख को बढ़ाया नहीं गया है. ऐसे में जिन लोगों ने भी निर्धारित तारीख तक इनकम टैक्स ऑडिट रिपोर्ट पेश नहीं की है, उन लोगों को जुर्माना देना होगा और जुर्माना देकर वो इनकम टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल कर सकते हैं.


आईटीआर


वहीं अगर निर्धारित तारीख गुजर जाने के बाद अब देर से इनकम टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा की जाती है तो इनकम टैक्स विभाग कुल सेल/टर्नओवर/सकल रसीद (जो भी लागू हो) का 0.5% या 1.5 लाख रुपये में से जो भी कम हो, का जुर्माना लगाता है. वहीं अगर कोई ऑडिट रिपोर्ट जमा किए बिना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करता है तो इसे डिफेक्टिव आईटीआर माना जाएगा.


ऑडिट रिपोर्ट


दाखिल किए गए आईटीआर को सही करने के लिए इनकम टैक्स विभाग की ओर से नोटिस भी भेजा जा सकता है. टैक्सपेयर्स को ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने के साथ-साथ जुर्माना राशि का भुगतान भी करना होगा. एक बार जब जुर्माना चुका दिया जाता है और ऑडिट रिपोर्ट जमा कर दी जाती है तो टैक्सपेयर्स को फिर से सही आईटीआर दाखिल करना होगा.