Ration Card Latest News: यूपी सरकार राशन कार्ड को लेकर लगातार चर्चे में है. पहले राशन कार्ड सरेंडर करने को लेकर सरकार चर्चा में थी, जिसके बाद सरकार ने इसका जवाब देते हुए कहा थी कि सरकार बस जांच कर रही है, सरेंडर और वसूली जैसा कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है. अब यूपी सरकार प्रदेश में सर्वे करने जा रही है कि आप कितना राशन ले रहे हैं और आप उसके पात्र हैं या नहीं.


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सरकार को देनी होगी जानकारी


सरकार इसका सर्वे कर रही है कि कोटे की दुकान पर आप मुफ्त राशन कितना और क्यों ले रहे हैं. इसके तहत ये भी सर्वे किया जा रहा है कि घर में तीन साल से ऊपर तक के बच्चे इंटरनेट का कितना प्रयोग कर रहे हैं, छोटे बच्चों को रोते समय उसे चुप करने के लिए माताएं क्या मोबाइल दे रही हैं, आयुष्मान का लाभ कितना मिल रहा है? इसकी जानकारी आपको राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से शुरू हो रहे पारिवारिक उपभोग व्यय सर्वेक्षण में देनी होगी. यानी अब आपको सरकार को इन सारे सवालों का जवाब देना होगा.


शुरू हुआ सरकार का सर्वे 


आपको बता दें कि सर्वे की तकनीकी और व्यवहारिक जानकारी देने के लिए एनएसओ की ओर से होटल आरआर-इन में तीन दिवसीय क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ. इस अवसर पर विषय विशेषज्ञों ने प्रदेश के लगभग 22 जिलों से आए सांख्यिकी अधिकारियों और प्रतिनिधियों को सर्वे करने के तरीके भी बताए. वाराणसी के वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी अरुण कुमार तिवारी ने जानकारी दी कि सर्वे टीम गरीबी, महंगाई, उपभोग की जानकारी घर के मुखिया से पूछताछ करेगी. आपको बता दें कि यह सर्वे पांच साल बाद हो रहा है, जिसमें प्रयागराज में शहर और गांव दोनों में 70 सैंपल लिए जाएंगे.


गौरतलब है कि सरकार लगातार राशन कार्ड धारकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी लगी है. सीएम योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद लोगों की सुविधा के लिए सभी 80000 कोटे की दुकानों को लोक सेवा केंद्र के रूप में डेवलप किया जाएगा. इससे उनकी आमदनी भी बढ़ेगी. साथ ही सभी कोटेदारों के कमीशन में भी 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई. सीएम की उपस्थिति में सभी राशन दुकानों को सीएससी के रूप में विकसित करने के लिए एमओयू भी किया गया है. सरकार अब कोटेदारों का कमीशन 70 रुपये से बढ़ाकर 90 रुपये करने जा रहा है.