Patna: राजधानी पटना में आपराधिक घटना चरम पर हैं. लगातार हत्या, लूट, चोरी, छिनतई जैसी घटनाओं से पटना थर्राया हुआ है. जानकारी के अनुसार, पटना में बीते एक माह में 17 हत्याएं, 50 से अधिक घरों में चोरी, दर्जनों छिनतई, और कई लूट की घटना से पटना पुलिस (Patna Police) की कार्यशैली पर सवाल खड़ा होने लगा है.


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पिछले 48 घंटों की बात करें तो राजधानी पटना में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है. यहां बीते गुरुवार पाटलिपुत्रा थाना क्षेत्र में ई-रिक्शा चालक की हत्या कर दी गई, शनिवार को पटना के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र के पुनाइचक इलाके में एक महिला से चेन लूटने के दौरान अपराधियों ने उसके देवर को गोली मारकर घायल कर दिया, शनिवार की देर रात पटना के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के अंबेडकर छात्रावास के ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले विष्णु कुमार उर्फ सिग्मा की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई. वहीं, रविवार के अहले सुबह परसा थाना क्षेत्र के परसा रेलवे स्टेशन के पास अपराधियों ने ऑटो में बैठे एक व्यक्ति को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया.


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इधर, सब घटनाओं को लेकर पुलिस का एक ही जबाब है कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. पटना पुलिस सुस्त पड़ी है तो अपराधी मस्त होकर खुलेआम आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहें हैं. ऐसे में जिस तरह से आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हो रही है, पटना पुलिस पर सवाल उठना लाजिमी है. 


बता दें कि बिहार में अपराध पांव पसारता जा रहा है. आए दिन अपराधी बिना किसी खौफ के आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. हालांकि, सीएम नीतीश (Nitish Kumar) लगातार अपराध को लेकर समीक्षा बैठक कर रहे हैं. सीएम के सख्त आदेश है कि अपराध नियंत्रण में किसी प्रकार की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.